भारत में ऐसे कई पेड़-पौधे और जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं, जिनका इस्तेमाल आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में सदियों से किया जाता रहा है. इनका सेवन सेहत के लिए वरदान माना जाता है. ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पौधा है शिरीष, जिसे सिरस के नाम से भी जाना जाता है. यह पौधा अपनी खूबसूरती के साथ-साथ औषधीय गुणों के लिए भी काफी मशहूर है. आयुर्वेद में शिरीष को सेहत के लिए अमृत से कम नहीं माना जाता है. आइए यहां जानते हैं कि शिरीष का पौधा सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद है और आप इसका सेवन किस तरह कर सकते हैं.
शिरीष के फायदे
त्वचा के लिए वरदान
शिरीष त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए एक बेहतरीन उपाय माना जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो त्वचा को संक्रमण से बचाने और उसे स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इसके पत्तों और फूलों का इस्तेमाल घावों को जल्दी भरने और दाद, खुजली और अन्य त्वचा रोगों के इलाज के लिए किया जाता है.
सांस संबंधी समस्याओं में फायदेमंद
शिरीष का पौधा अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी सांस से जुड़ी बीमारियों के इलाज में भी कारगर माना जाता है. इसकी छाल और पत्तियों में ऐसे गुण होते हैं जो फेफड़ों को साफ करने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. यह खांसी और जुकाम के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है.
दर्द और सूजन से राहत
शिरीष में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान लोगों के लिए शिरीष एक कमाल की औषधि साबित हो सकती है. इसकी पत्तियों का पेस्ट लगाने से दर्द से राहत मिलती है.
पाचन को सही रखता है
शिरीष का इस्तेमाल पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए भी काफी किया जाता है. यह पेट के कीड़ों को मारने और पाचन में सुधार करने में मदद कर सकता है. इसमें एंटी-डायरियल गुण भी होते हैं, जो डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में कारगर होते हैं.
एलर्जी में राहत दिलाता है
शिरीष में एंटी-एलर्जिक गुण भी होते हैं, जो शरीर को एलर्जी के प्रति कम सेंसिटिव बनाने में मदद करते हैं. यह एलर्जी के लक्षणों जैसे छींकना, नाक बहना और त्वचा पर चकत्ते आदि को कम करने में मददगार हो सकता है.
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कैसे करें सेवन
पत्तियों का काढ़ा
शिरीष के ताजे या सूखे पत्तों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाया जा सकता है. यह काढ़ा त्वचा और सांस संबंधी समस्याओं में फायदेमंद होता है. इसे दिन में एक या दो बार पिया जा सकता है.
फूलों का इस्तेमाल
शिरीष के फूलों को सुखाकर पाउडर बनाया जा सकता है. इस पाउडर को शहद में मिलाकर सेवन किया जा सकता है. यह ब्लड प्यूरीफायर की तरह काम करता है और त्वचा को निखारने में मदद करता है। कुछ लोग फूलों को सीधे भी खाते हैं.
छाल का चूर्ण
शिरीष की छाल को सुखाकर पीस लें. इस चूर्ण को पानी या शहद में मिलाकर सेवन करने से सांस संबंधी बीमारियों और दर्द में आराम मिलता है.
लेप बनाकर
शिरीष की पत्तियों या छाल को पीसकर लेप बनाया जा सकता है. इस लेप को त्वचा पर लगाने से घाव, सूजन और दर्द से राहत मिलती है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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Shirish health benefits
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