हेल्दी और फिट रहने के लिए मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी है. इसके लिए जीवनशैली, खानपान और फिजिकल एक्टिविटी (Lifestyle) पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स दिमागी शक्ति (Brain Power) बढ़ाने के लिए कई चीजों को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं, इनमें कुछ खास तरह की मछलियां भी शामिल हैं. आज हम आपको ऐसी ही 5 तरह की मछलियों (Fish For Brain Health) के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दिमाग की ताकत बढ़ाने में फायदेमंद हैं.
क्या कहती है स्टडी?
एक स्टडी के मुताबिक कुछ मछलियों को ब्रेन हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद होती हैं, दरअसल, इंसान का ब्रेन ज्यादातर वसा से बना है और इसमें फैटी एसिड डीएचए, विशेष रूप से उच्च मात्रा में पाया जाता है. यह फैट हमारे मस्तिष्क के ऊतकों में कोशिका झिल्ली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और तंत्रिका स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. इससे पूरे शरीर में संकेतों को सुचारू रूप से प्रवाहित करने में मदद मिलती है. इसलिए ब्रेन को लंबे समय तक हेल्दी रखने के लिए मछलियों को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है...
इन 5 मछलियों को डाइट में करें शामिल
हेरिंग: हेरिंग मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड ईपीए और डीएचए की मात्रा अधिक होती है, जो सीखने और याददाश्त को बढाने में मददगार है. इसके सेवन से डिमेंशिया की बीमारी से बचाव हो सकता है.
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सार्डिन: सार्डिन मछली में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है. यह सस्ती भी होती है, इसलिए इसे मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक किफायती विकल्प भी माना जाता है.
मैकेरल: यह हेरिंग जैसी ही होती है, इसमें भी ओमेगा-3 ईपीए और डीएचए की मात्रा अधिक होती है. 100 ग्राम मैकरेल में 898 ईपीए और 1400 डीएचए मिलता है. ऐसे में इसके सेवन से ब्रेन के सभी हिस्से को अपने फंक्शन को करने में सपोर्ट मिलता है.
सैमन: सैमन मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड के साथ-साथ विटामिन डी, विटामिन ई और कई बी विटामिनों का एक अच्छा स्रोत है. इससे ब्रेन को सही तरह से फंक्शन करने में मदद मिलती है और कई बीमारियों का जोखिम भी कम होता है.
टूना: इसके अलावा टूना एक और लोकप्रिय मछली है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत है. हालांकि इसके लिए अलबाकोर टूना जैसे कम पारा वाली मछलियों को चुनना सबसे अच्छा है.
कैसे करें इनका सेवन ?
हफ्ते में कम से कम 2 बार फैटी मछली खाने की सलाह दी जाती है, इसके लिए खाना पकाने के स्वस्थ तरीकों का उपयोग करें, जिसमें ग्रिलिंग, बेकिंग या स्टीमिंग शामिल हैं. बताते चलें कि गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों को किंग मछली, स्वोर्डफ़िश जैसी उच्च पारा वाली मछलियों का सेवन करने से बचना चाहिए.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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Fish For Brain Health
5 तरह की मछलियां, जिन्हें खाने से घोड़े जैसा तेज दौड़ता है दिमाग, बढ़ता है Brain Power