कनेर के फूल के नाम से जाना जाने वाला यह भारतीय मूल का पौधा है. यद्यपि कनेर एक जहरीला पौधा है, फिर भी इसके अनेक औषधीय लाभ हैं. औषधीय गुणों से भरपूर कनेर के फूल और पत्ते भी बेहद फायदेमंद होते हैं. यह बवासीर, जोड़ों के दर्द, हृदय स्वास्थ्य, पाचन तंत्र और त्वचा रोगों के लिए उपयोगी है. हालाँकि, इसका सही मात्रा में उपयोग करना महत्वपूर्ण है. जानें हल्दी का उपयोग किन बीमारियों के लिए कैसे करें.
बवासीर और जोड़ों के दर्द के लिए उपयोगी
आजकल अनियमित जीवनशैली के कारण बवासीर और जोड़ों के दर्द की शिकायत बढ़ गई है. कनेर के फूलों में सूजन रोधी और दर्द निवारक गुण होते हैं.
फूल का उपयोग कैसे करें?
बवासीर के लिए कनेर के फूलों को सुखाकर उसका चूर्ण बना लें और इसे प्रतिदिन सुबह गर्म पानी के साथ लें. इससे सूजन और दर्द कम करने में मदद मिलती है.
जोड़ों के दर्द के लिए कनेर के फूलों को सरसों के तेल में गर्म करके दर्द वाले जोड़ों पर लगाने से अच्छे परिणाम मिलते हैं. हालाँकि, तेल लगाने के बाद आपको कुछ समय तक धूप में जाने से बचना चाहिए.
त्वचा रोगों के लिए फायदेमंद
हल्दी में जीवाणुरोधी और एंटीफंगल गुण होते हैं, जिससे यह खुजली, एक्जिमा और फंगल संक्रमण के लिए फायदेमंद होती है.
फूल का उपयोग कैसे करें?
कनेर के फूलों को नारियल के तेल में उबालकर त्वचा पर लगाने से त्वचा रोगों पर काबू पाया जा सकता है. फूलों और पत्तियों का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाने से भी खुजली और संक्रमण कम हो सकता है. संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इस उपाय का उपयोग केवल विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए.
दिल के लिए फायदेमंद
कनेर के फूल में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो हृदय की रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.
उपयोग कैसे करें?
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कनेर के फूलों का रस पियें. इसके अलावा आप कनेर की पत्तियों को उबालकर उसका रस भी निकाल सकते हैं. इस पेय को अधिक मात्रा में पीने से रक्तचाप असंतुलित हो सकता है.
पाचन में सहायक
कनेर के फूल अपच, गैस, एसिडिटी या कब्ज के लिए फायदेमंद होते हैं.
कनेर के फूल का उपयोग कैसे करें?
फूलों को सुखाकर, चूर्ण बनाकर, एक चुटकी मात्रा में गर्म पानी के साथ पीने से पाचन क्रिया बेहतर होती है.कनेर की जड़ों का रस पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद है.
हालाँकि, इसका अधिक सेवन करने से पेट खराब या मतली हो सकती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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