आजकल के व्यस्त जीवन में महिलाओं के लिए अपनी सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. बीमारियों से बचने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी है. ऐसे में यहां 5 जरूरी टेस्ट बताए जा रहे हैं जो हर महिला को समय-समय पर करवा लेने चाहिए.
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यह टेस्ट ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए किया जाता है. आमतौर पर महिलाओं को 40 की उम्र के बाद साल में एक बार मैमोग्राम करवाने की सलाह दी जाती है. अगर परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास रहा है, तो डॉक्टर पहले भी यह टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं.
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यह टेस्ट थायरॉयड ग्रंथि के कामकाज का आकलन करता है और हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म जैसी स्थितियों का पता लगाने में मदद करता है, जो थकान, वजन में बदलाव और मूड स्विंग जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं.
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यह टेस्ट सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है. 21 साल की उम्र के बाद सभी महिलाओं को नियमित अंतराल पर यह टेस्ट करवाना चाहिए.
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यह टेस्ट खून में ग्लूकोज के स्तर को पता लगाता है और डायबिटीज का पता लगाने में मदद करता है. खराब लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों के कारण महिलाओं में डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है, इसलिए यह टेस्ट नियमित रूप से करवाना जरूरी है.
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यह टेस्ट हड्डियों की मजबूती को पता लगाता है और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे का आकलन करता है. महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हड्डियों का डेंसिटी कम होने लगती है, इसलिए यह टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)