चार सप्ताह के एक बच्चे में एक दुर्लभ और जीवन-घातक आनुवंशिक रोग का निदान किया गया है. यह रोग बच्चे के हृदय को ठीक से पंप करने से रोकता है, जिससे उसके मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता. परिणामस्वरूप, उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही है और उसका मस्तिष्क विकास भी रुक गया है.

इस बीमारी की गंभीरता का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि दुनिया भर में अब तक केवल 23 बच्चे ही इस बीमारी से संक्रमित हुए हैं. इस बीमारी का नाम अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है. 8 जनवरी को वॉटफोर्ड जनरल अस्पताल में जन्मे बच्चे टॉमी पेरी में माइटोकॉन्ड्रियल जीन (Mitochondrial Genes) दोष का निदान किया गया है. यह दुर्लभ आनुवंशिक रोग बच्चे के शरीर को हृदय को पंप करने या मस्तिष्क को कार्यशील रखने के लिए आवश्यक ऊर्जा का उत्पादन करने से रोकता है.

अब तक दो महीने के भीतर इस बीमारी से पीड़ित 22 बच्चों की मौत हो चुकी है. डॉक्टर ने टॉमी के माता-पिता से कहा कि बच्चा दो दिन से अधिक जीवित नहीं रहेगा. ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, तथा उनकी आंखों में धुंध के कारण डॉक्टरों ने प्रारम्भ में मोतियाबिंद होने का संदेह जताया था. हालांकि, दो सप्ताह बाद, ग्रेट ऑरमंड स्ट्रीट अस्पताल में पता चला कि उनमें माइटोकॉन्ड्रियल जीन दोष था.

टॉमी के माता-पिता, जो हर्टफोर्डशायर के हेमल हेम्पस्टीड के निवासी थे, को डॉक्टरों ने बताया कि इस बीमारी का कोई इलाज उपलब्ध नहीं है, तथा उन्हें वेंटिलेटर बंद करने की सलाह दी गई. हालांकि, टॉमी की मां चैन्टल डोर्न और पिता टॉम पेरी ने दूसरी राय लेने का निर्णय लिया. डोर्न ने कहा, "उनके पास जीने का कोई मौका नहीं था." वह दो सप्ताह तक ऑक्सीजन पर रहे. एक दिन उसने स्वयं सांस ली. "लेकिन अब वह वेंटिलेटर पर है और यही उसे जीवित रखे हुए है."
 
दुनिया भर में केवल 23 बच्चे इस बीमारी से संक्रमित हुए हैं, और उनमें से कोई भी दो महीने से अधिक जीवित नहीं रह सका. डॉक्टरों ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. इस बीमारी का नाम अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है क्योंकि यह बहुत दुर्लभ है.

इस बीमारी के कारण, शिशु का शरीर हृदय को पंप करने या मस्तिष्क को ठीक से काम करने के लिए ऊर्जा उत्पन्न नहीं कर सकता. जन्म के समय बच्चे का वजन 6 पाउंड 1 औंस था. जन्म के बाद उसे सांस लेने में कुछ कठिनाई हो रही थी. उसकी आँखों में धुँआ छा गया था. यद्यपि डॉक्टरों ने उसके बचने पर संदेह व्यक्त किया है, फिर भी माता-पिता बच्चे के इलाज के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं.


(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर्स से संपर्क करें.)

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Only 23 children in world have this disease in which heart of newborn does not work properly and its brain does not get required energy. This rare disease not even name
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दुनिया में केवल 23 शिशुओं को है ये बीमारी,इतनी दुर्लभ कि बीमारी का नहीं कोई नाम
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दुनिया के केवल 23 नवजातों को है ये रेयर बीमारी
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दुनिया के केवल 23 नवजातों को है ये रेयर बीमारी

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दुनिया में केवल 23 शिशुओं को है ये बीमारी, इतनी दुर्लभ कि बीमारी का नहीं कोई नाम

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