Noise Pollution Hearing Loss: आसपास का नॉइज पॉल्युशन और लगातार कान में ईयरफोन लगे रहना सुनने की क्षमता को कम करता है. लगातार गलत लाइफस्टाइल अपनाने से परमानेंट हियरिंग लॉस भी हो सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबे समय तक 70 डेसिबल (डीबी) से ज्यादा शोर के संपर्क में आना कानों को खराब कर सकता है. वहीं, 100 डीबी से ऊपर के शोर के संपर्क में आने से बहरापन हो सकता है. इससे बचने के लिए और कानों का ख्याल रखने के लिए कई बातों का ध्यान रखना चाहिए. वरना आपका संगीत के साथ जश्न मनाना और ट्रैफिक (Noise Pollution Effects) कानों को नुकसान पहुंचा सकता है. चलिए बताते हैं कि, कैसे ईयरफोन का इस्तेमाल खतरनाक हो रहा है और इससे कैसे बच सकते हैं?
कानों को ईयरफोन से नुकसान
लोगों के बीच हियरिंग लॉस एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है. इसका बड़ा कारण ईयरफोन का लगातार इस्तेमाल है. आजकल लोग मनोरंजन से लेकर पढ़ाई तक के लिए डिजिटल चीजों पर निर्भर हैं. ऐसे में लोग दिनभर कानों में ईयरफोन लगाए रखते हैं. ईयरफोन से आवाज सीधे कानों में जाती है जो सुनने की क्षमता को प्रभावित करती है और हियरिंग लॉस का कारण बनती है. ऐसे में इसका इस्तेमाल करते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए.
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ऐसे इस्तेमाल करें ईयरफोन
ईयरफोन का इस्तेामल करने के लिए कई नियमों का ध्यान रखना चाहिए. एक्सपर्ट्स की माने तो इन नियमों का पालन कर आप इससे होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं. आप 60-60 नियम को फॉलो कर सकते हैं. इसके तहत 60 प्रतिशत आवाज के साथ ही ईयरफोन का इस्तेमाल करें. वो भी दिन में सिर्फ 60 मिनट के लिए. इसके अलावा बीच में ब्रेक भी जरूरी है. लगातार घंटेभर तक ईयरफोन लगाए रखना भी खतरनाक हो सकता है. आपको इयरबड्स के बजाय ओवर-ईयर हेडफोन का इस्तेमाल करना चाहिए और कानों को गंदगी और पसीने से बचाना चाहिए. आपको हर हाल में ज्यादा तेज आवाज में हेडफोन के इस्तेमाल से बचना चाहिए.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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Hearing Loss
बहरेपन का कारण बनता है Earphones का अधिक इस्तेमाल, छीन सकता है सुनने की क्षमता