कड़ी मेहनत और लगन के दम पर जिंदगी में क्या कुछ हासिल नहीं किया जा सकता. दृढ़ निश्चयी व्यक्ति का विपरीत परिस्थितियां भी कुछ बिगाड़ नहीं सकतीं. उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से ताल्लुक रखने वाली रूपल राणा की सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 26वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. उनकी यह उपलब्धि विपरीत परिस्थितियों पर काबू पाने में दृढ़ संकल्प, दृढ़ता और सही मार्गदर्शन की शक्ति का प्रमाण है. रूपल राणा की यूपीएससी की यात्रा कई युवाओं को अपने सपनों की क्षमता पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करती है.

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रूपल राणा ने कहां से की है पढ़ाई-लिखाई

रूपल राणा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बागपत के जेपी पब्लिक स्कूल से शुरू की जहां उन्होंने अपनी हाई स्कूल परीक्षाओं में 10 का परफेक्ट सीजीपीए हासिल किया. जैसे-जैसे वह प्रतिष्ठित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी में 11वीं और 12वीं कक्षा में पहुंचीं, ज्ञान के प्रति उनकी प्यास और गहरी होती चली गई. बाद में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज से साइंस में ग्रेजुएशन में टॉप किया.

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रूपल के जीवन में दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा जब उन्होंने कम उम्र में ही अपनी मां को खो दिया. लेकिन फिर उनके पिता जसवीर राणा उनकी ताकत बने, वह दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे. पढ़ाई में उन्हें अपने भाई बहनों का भी पूरा सहयोग मिला और व्यक्तिगत दुख से ऊपर उठने के उनके दृढ़ संकल्प ने उनकी भविष्य की सफलता की नींव रखी.

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कुछ ऐसा रहा रूपल राणा का यूपीएससी का सफर

रूपल राणा की सफलता की राह आसान नहीं थी. यूपीएससी परीक्षा में अपने पहले दो प्रयासों में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा. हालांकि हार मानने के बजाय उन्होंने अपने अनुभवों से सीखा और अपनी तैयारी की रणनीति को और बेहतर बनाया. उनकी दृढ़ता का फल तब मिला जब उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बनने का अपना सपना साकार किया.

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रूपल राणा की उपलब्धि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई उम्मीदवारों के लिए उम्मीद की किरण है. उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि समर्पण, कड़ी मेहनत और दृढ़ता से सबसे कठिन चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है. उनकी कहानी साबित करती हैं कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो दृढ़ निश्चय के साथ उसका पीछा करते हैं.

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lost her mother at a young age than ASI father became her strength After failing UPSC twice Rupal Rana fulfilled her desire to become an IAS know Success Story
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कम उम्र में मां को खोया तो ASI पापा बने ताकत, दो बार असफल होकर रूपल राणा ने यूं
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कम उम्र में मां को खोया तो ASI पापा बने ताकत, दो बार असफल होकर रूपल राणा ने यूं पूरी की IAS बनने की जिद

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