Tughlaq Lane Controversy: देश की राजधानी दिल्ली में तुगलक लेन (Tughlaq Lane Delhi) को VVIP रोड माना जाता है. इस सड़क पर बहुत सारे सांसद और अन्य राजनीतिक हस्तियां रहती हैं. शुक्रवार को अचानक इस लेन का नाम बदलकर 'स्वामी विवेकानंद मार्ग'(Swami Vivekananda Marg) कर दिए जाने की बात चर्चा में आ गई. यह मुद्दा ऐसे समय गर्माया है, जब पूरे देश में मुगलों और अन्य इस्लामी शासकों से जुड़े स्थानों के नाम बदलने की मांग जोर पकड़ रही है. खासतौर पर 'छावा' मूवी के बाद मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर विवाद गर्माया हुआ है. ऐसे में तुगलक लेन का नाम बदले जाने की चर्चा भी नए विवाद की शुरुआत करती लग रही है, जिसके चलते शुक्रवार शाम को नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) को ऑफिशियल बयान जारी करके ऐसा कुछ करने से इंकार करना पड़ा है. चलिए हम आपको बताते हैं कि दिल्ली की तुगलक लेन का नाम बदले जाने की चर्चा कहां से और क्यों शुरू हुई है?

दो सीनियर भाजपा नेताओं ने बदले अपने नाम
दरअसल भाजपा को दो सीनियर नेताओं ने तुगलक लेन पर मौजूद अपने ऑफिशियल आवासों की नेमप्लेट बदली है. भाजपा के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा तथा केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने अपने आवासों की नेमप्लेट बदली है, जिसमें एड्रेस के तौर पर तुगलक लेन की जगह मोटे-मोटे अक्षरों में स्वामी विवेकानंद मार्ग लिखा गया है. हालांकि इसके नीचे छोटे अक्षरों में ब्रेकेट के अंदर तुगलक लेन भी लिखा गया है. दोनों नेताओं ने यह कदम भाजपा नेताओं की तरफ से दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में राजधानी के कुछ इलाकों का नाम बदले जाने का प्रस्ताव पेश करने के बाद उठाया है.

दिनेश शर्मा ने दिया गूगल मैप्स का हवाला
दिनेश शर्मा ने गुरुवार को अपने नए आवास में गृह प्रवेश करने के बाद एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की है. उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा,'आज नई दिल्ली स्थित नए आवास स्वामी विवेकानंद मार्ग (तुगलक लेन) में सपरिवार विधि विधानपूर्वक, पूजन-अर्चन कर गृह प्रवेश किया है.' जब दिनेश शर्मा से इस नाम परिवर्तन के बारे में PTI की तरफ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैंने स्वामी विवेकानंद मार्ग इसलिए लिखा है, क्योंकि गूगल मैप्स पर यह सड़क इसी नाम से रजिस्टर्ड है. यदि आप ध्यान से देखेंगे तो मेरी नेमप्लेट में तुगलक लेन भी लिखा हुआ है. कोई भी सांसद सड़क का नाम नहीं बदल सकता है. इसके लिए एक उचित प्राधिकरण मौजूद है.

दिल्ली में किसे है सड़कों के नाम बदलने का अधिकार
सेंट्रल दिल्ली में सड़कों के नाम बदलने का अधिकार नई दिल्ली नगर निगम (New Delhi Municipal Council) को है, जो इस इलाके की सिविक बॉडी है. किसी भी जगह का नाम बदलने के लिए चेयरपर्सन की अध्यक्षता में 13 सदस्यों वाली NDMC काउंसिल के सामने प्रस्ताव पेश करना पड़ता है. नियमों के मुताबिक, नाम बदलने के अनुरोध में इतिहास, भावना तथा इस बात को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि क्या किसी व्यक्ति को उस रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए. हालांकि शुक्रवार शाम को NDMC ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब तक तुगलक लेन का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है. ऐसे में अभी तक उस सड़क का कोई नाम परिवर्तन नहीं हुआ है.

भाजपा नेताओं ने दे रखे हैं इन इलाकों के नाम बदलने के प्रस्ताव
पिछले महीने दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा सरकार की वापसी के बाद विधानसभा में पार्टी विधायकों ने कुछ इलाकों के नाम बदलने के प्रस्ताव रखे थे. इनमें नजफगढ़ को नाहरगढ़, मोहम्मदपुर गांव को माधवपुरम और मुस्तफाबाद का नाम बदलकर शिवपुरी करने का प्रस्ताव रखा गया था. साल 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद पार्टी ने दिल्ली नगर निगम में अपनी सत्ता होने के चलते औरंगजेब रोड का नाम बदलने की कवायद शुरू की थी. साल 2015 में औरंगजेब रोड (Aurangzeb Road) का नाम बदलकर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम रोड (APJ Abdul Kalam Road) कर दिया गया था. इसके एक साल बाद प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास वाली रेस कोर्स रोड (Race Course Road) का नाम भी बदलकर लोक कल्याण मार्ग (Lok Kalyan Marg) कर दिया गया था.

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Delhi Tughlaq Lane Renamed as Swami Vivekananda Marg controversy create after BJP member of parliaments Change Nameplates Of their Houses ndmc clarifies read delhi news
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क्या दिल्ली में तुगलक लेन अब हो गई विवेकानंद मार्ग, BJP नेताओं के किस कदम पर देन
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क्या दिल्ली में तुगलक लेन अब हो गई विवेकानंद मार्ग, BJP नेताओं के किस कदम पर देनी पड़ रही सफाई?

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