डीएनए हिंदी: रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच छिड़ी जंग लगातार आठवें दिन भी जारी है. रूसी सेनाओं ने राजधानी कीव और प्रमुख औद्योगिक शहर खारकीव में भीषण बमबारी की है. दोनों शहरों की एक बड़ी आबादी बंकरों मे छिपी हुई है और बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रही है. युद्धग्रस्त यूक्रेन से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं, जिस पर दुनियाभर के संगठन चिंतित है.
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक रूस के हमला करने के बाद से करीब 10 लाख लोगों ने यूक्रेन दिया है. अफगानिस्तान में तालिबान के सत्तारूढ़ होने के बाद यह दूसरी वैश्विक घटना है जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने पलायन किया है.
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40 लाख लोग छोड़ सकते हैं यूक्रेन
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (UNHCR) के आंकड़ों के मुताबिक पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है. विश्व बैंक के मुताबिक 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी चार करोड़, 40 लाख थी. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी का अनुमान है कि यूक्रेन से करीब 40 लाख लोग पलायन कर सकते हैं. यह संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा हो सकती है.
कभी नहीं हुआ इतनी तेजी से पलायन
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने यह भी कहा है कि इस सदी में पहले कभी इतनी तेज गति से पलायन नहीं हुआ है. यूएनएचसीआर की प्रवक्ता जोंग-आह घेदिनी-विलियम्स ने कहा है कि राष्ट्रीय अधिकारियों की गणना के मुताबिक हमारे आंकड़े बताते हैं कि मध्य यूरोप में हमने आधी रात में 10 लाख की संख्या पार कर ली.
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7 दिनों में 10 लाख लोगों ने किया पलायन
संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त फिलिप्पो ग्रांडी ने ट्वीट किया है कि हमने मात्र सात दिन में यूक्रेन से पड़ोसी देशों में 10 लाख लोगों का पलायन देखा है. यूक्रेन छोड़कर जाने वाले इन लोगों में समाज के अधिकतर कमजोर वर्ग के लोग शामिल हैं. ऐसे लोग पलायन को लेकर फैसला करने में सक्षम नहीं हैं और उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए उन्हें मदद की जरूरत है.
क्यों लोगों को छोड़ना पड़ रहा है यूक्रेन?
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक हंगरी के शहर जाहोनी में बुधवार को 200 से अधिक दिव्यांग यूक्रेनी नागरिक पहुंचे, जो यूक्रेन की राजधानी कीव में दो शेल्टर होम में रहते थे. शरणार्थियों में कई बच्चे शामिल हैं. इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं, जो मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम हैं और जिन्हें रूसी हमले के कारण आश्रय केंद्रों को छोड़कर देश से बाहर जाना पड़ा.
यूक्रेनी नागरिकों ने किन देशों की ओर किया है रूख?
लोगों का कहना है कि यूक्रेन में रहना सुरक्षित नहीं था. रॉकेट गिर रहे थे. रूसी सैनिक कीव पर हमला कर रहे थे. हमने बमबारी के दौरान कई घंटे से ज्यादा वक्त बंकर में बिताया. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, यूक्रेन से आधे से अधिक शरणार्थी यानी लगभग 5,05,000 लोग पोलैंड चले गए हैं. 1,16,300 से अधिक लोगों ने हंगरी में एंट्री ली है और 79,300 से अधिक लोगों ने मोल्दोवा में प्रवेश किया है. आंकड़ों के मुताबिक करीब 71,000 लोग स्लोवाकिया गए हैं और करीब 69,600 लोगों ने दूसरे यूरोपीय देशों का रुख किया है.
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