डीएनए हिंदी: अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) की ताइवान यात्रा से भड़का चीन (China) आक्रमक होता जा रहा है. उसने गुरुवार को ताइवान की घेराबंदी के लिए युद्धभ्यास शुरू किया. खबर यह भी आई कि ड्रैगन ने पांच मिसाइलें दागी हैं जो जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में जाकर गिरीं. वहीं, अब चीन ने नैंसी पेलोसी पर अनिर्दिष्ट प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. साथ ही इस मामले में चीन ने यूरोपियन यूनियन में शामिल 7 देशों के राजदूतों को तलब किया है.
चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान की यात्रा को लेकर चीन की चिंताओं और विरोध की अवहेलना की है, जिस पर बीजिंग अपना दावा जताता है. इससे पहले पेलोसी ने कहा था कि चीन अमेरिकी अधिकारियों को ताइवान की यात्रा करने से नहीं रोक सकता.
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पेलोसी ने कहा कि ताइवान की उनकी यात्रा का मकसद द्वीप के लिए यथास्थिति में बदलाव लाना नहीं था बल्कि ताइवान जलडमरूमध्य में शांति बनाए रखना था. पेलोसी ताइवान में बड़ी मुश्किल से स्थापित किए गए लोकतंत्र की तारीफ की. साथ ही उन्होंने व्यापक समझौतों के उल्लंघन, हथियारों के प्रसार और मानवाधिकार समस्याओं के लिए चीन की आलोचना की. पेलोसी ने बुधवार को ताइपे में कहा था कि स्व-शासित द्वीप तथा दुनिया में कहीं भी लोकतंत्र के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता ‘‘अटल’’ है.
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अहम भौगोलिक क्षेत्र
ताइवान को जानकार 'द्वीपों की पहली शृंखला' कहते हैं. पिछले कई सालों में चीन ने उस इलाक़े में अपना असर बढ़ाने के कई प्रयास किए हैं. लंदन के किंग्स कालेज में रक्षा अध्ययन विभाग के लेक्चरर डॉ ज़ेनो लियोनी ने ताइवान की भौगोलिक स्थिति को लेकर कहा कि जापान के दक्षिण से होकर एक प्रकार की भौगोलिक रुकावट गुजरती है, जो ताइवान, फिलीपींस होते हुए दक्षिण चीन सागर तक जाती है.यह शीत युद्ध का कॉन्सेप्ट है."
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नैंसी पेलोसी
चीन-अमेरिका के बीच बढ़ी तल्खी, ड्रैगन ने पेलोसी पर लगाए प्रतिबंध, राजदूतों को किया तलब