सीरिया (Syria) में नई सरकार बनने के बाद वहां की स्थिति दिनों-दिन बदतर होती जा रही है. वहां लंबे समय से सत्ता पर काबिज बशर-अल असद का तख्तापलट कर दिया गया था, जिसके बाद बागी गुट अल-शाम के सबसे बड़े नेता जुलानी वहां के राष्ट्रपति बन गए थे. अब वहां पर फिर से गृहयुद्ध जैसे हालात हैं. नई सरकार की फौज के जवानों की ओर से सीरिया के कई गांवों पर अटैक किए गए हैं. इस ताजा हमले में दर्जनों लोगों की जानें गई हैं. पिछले कुछ समय से नई सरकार के लड़ाकों और असद के समर्थकों के बीच जबरदस्त लड़ाई चल रही है. इस संघर्ष में अब तक 200 लोगों से ज्यादा की मौत हो चुकी है.
गृहयुद्ध की जद में सीरिया की जनता
इसको लेकर ब्रिटेन में मौजूद Syrian Observatory for Human Rights की ओर से रिपोर्ट जारी की गई. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों गुटों के बीच जारी संघर्ष में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं. नई सरकार में आने के बाद से बदले की भावना में असद समर्थकों के गांव में लगातार हमले हो रहे हैं. केवल इन गांवों में ही 140 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं. गांव में हुए इन हमलों में करीब 50 लोग नई सरकार के मारे गए हैं, वहीं करीब 45 लोग असद समर्थक गुट से हालाक हुए हैं. आपको बताते चलें कि मार्च 2011 से जारी वहां के गृह युद्ध में अब तक 5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं करीब इतनी संख्या में लोगों का भी विस्थापन हुआ है.
राष्ट्रपति कर चुके हैं नागरिकों को न टार्गेट करने की अपील
सीरिया में इस समय अहमद अल-शरा को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है. दोनों गुटों के बीच जारी झड़प और नई सरकार के लड़ाकों की ओर से बदले की भावना किए जा रहे एक्शन को देखते हुए राष्ट्रपति की ओर से एक वीडियो स्टेटमेंट जारी किया जा चुका है. राष्ट्रपति की ओर से कहा गया है कि असद समर्थक अपना हथियार सौंपे और नई सरकार के लड़ाकों से नागरिकों को हमला न करने की अपील की है. आपको बताते चलें कि सीरिया के पूर्व हुक्मरान बशर अल असल का नाता एक शिया पंथ अलवी से है. देश में उनकी आबादी करीब 10 फिसदी है. ज्यदातर असद के कट्टर समर्थक इसी तबके से आते हैं.
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सांकेतिक तस्वीर
Syria Civil War: लाशों से पटा सीरिया! सरकारी फौज और असद समर्थक आमने-सामने, 200 से ज्यादा मौतें