कतर की मध्यस्थता में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम लागू हो चुका है. इसके तहत हमास की ओर से तीन इजरायली बंधकों को रिहा किया गया है. साथ ही इजरायल की ओर से भी हमास के कैदियों को छोड़ा जाएगा. वहीं इजरायल की ओर से कहा गया है कि उसकी सेना राफा पर अपने कंट्रोल को नहीं छोड़ेगी. इजरायल की तरफ से कहा गया है कि हमास के संग युद्धविराम के पहले फेज में मिस्त्र और गाजा पट्टी की सीमा पर मौजूद राफा पर अपना कंट्रोल जारी रखेगा. इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू हैं. उनके ऑफिस की ओर से इस तरह की खबरों पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है, जिसमें कहा गया था कि फलस्तीनी ऑथोरिटी को वो इलाका सौंप दिया जाएगा.
इजरायली पीएमओ की ओर से क्या कहा गया?
इजरायली पीएमओ की ओर से बताया गया है कि 'लोकल फलस्तीनी ऑथोरिटी जिनका संबंध हमास से नहीं है, जिनको लेकर इजरायली फौज के द्वारा तफ्तीश की जा चुकी है, उनकी ओर से ही पासपोर्ट पर स्टांप लगाया जाएगा.' इंटरनेशनल डील के अंतर्गत स्टांप ही वो प्रक्रिया है जिसके द्वारा गाजा के लोग दूसरे मुल्कों में गाजा से जा सकते हैं.
बंधकों की अदला-बदली
इजरायल के इस बयान से हमास और मिस्र के लिए चिंता का विषय है. कहा जा रहा है इजरायल और हमास के बीच लागू मौजूदा युद्ध विराम समझौता गाजा में अमन-चैन लाएगा. इसे छह हफ्ते के लिए तागू किया गया है. साथ ही इस डील के अंतर्गत इजरायल की ओर से सैकड़ों फलस्तीनी बंधकों के हमास की ओर से 33 होस्टेज को छोड़ेगा. इजरायल की ओर से जारी किए गए स्टेटमेंट में कहा गया है कि यूरोपीय यूनियन के पर्यवेक्षक क्रासिंग पर तैनात रहेंगे. साथ ही इलाका इजरायली फौज की देखरेख में रहेगा.
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