शिव शंकर को देवों का देव कहा जाता है और सावन माह के अलावा फाल्गुन माह में भी भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है. भगवान शिव और पार्वती का विवाह फाल्गुन माह में हुआ था. शिव और पार्वती के विवाह उत्सव को 'महाशिवरात्रि' के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष फाल्गुन माह 13 फरवरी से 14 मार्च तक रहेगा. महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. इस अवसर पर जानिए भगवान शिव की बैठने की मुद्रा क्यों है खास, क्यों वे हमेशा एक पैर ऊपर और दूसरा पैर नीचे करके बैठते हैं.

भगवान शिव का एक पैर ज़मीन को छूता रहता है जबकि दूसरा पैर घुटने की ओर मुड़ा रहता है. आमतौर पर भगवान शिव अपना दाहिना पैर मोड़कर बाएं पैर पर रखते हैं और पालथी मारकर बैठते हैं. भगवान शिव चाहे अकेले बैठे हों या अपनी पत्नी देवी पार्वती के साथ, उनका एक पैर दूसरे पर रहता है. इसके अलावा चाहे वह पत्थर पर बैठे हों या नंदी पर, उनकी बैठने की स्थिति एक जैसी ही रहती है.
 
भगवान शिव के एक पैर ऊपर उठाकर बैठने के पीछे आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण हैं. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बात करें तो मानव शरीर में तीन नाड़ियाँ होती हैं: इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना. इडा नाड़ी एक स्त्री नाड़ी है जो शरीर में स्त्री ऊर्जा पैदा करती है. इसे चंद्र नाड़ी भी कहा जाता है. वहीं पिंगला नाड़ी मनुष्य में पुरुष ऊर्जा को जन्म देने का काम करती है और इसे सूर्य नाड़ी के नाम से भी जाना जाता है. तीसरी शुषम्ना नाड़ी एक चैनल या मार्ग के रूप में कार्य करती है जिसके माध्यम से व्यक्ति की कुंडलिनी ऊर्जा ऊपर की ओर यात्रा करती है, अर्थात यह पैरों के माध्यम से व्यक्ति के मस्तिष्क तक पहुंचने का काम करती है.

जब कोई पुरुष एक पैर ऊपर और एक पैर नीचे करके बैठता है, तो इन तीन नसों के माध्यम से, पुरुष और महिला ऊर्जा शरीर में समान रूप से प्रवाहित होती है, और दोनों तत्वों का शरीर में समान स्थान होता है.

इन्द्रियां नियंत्रण में रहती हैं
अगर हम शिव की बैठने की मुद्रा के पीछे आध्यात्मिक कारण की बात करें तो यह इंद्रियों को नियंत्रित करती है. जब व्यक्ति अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण कर लेता है, तो उस अवस्था में किया गया जप, भजन, ध्यान, मंत्र जाप आदि शीघ्र ईश्वर प्राप्ति में सहायक होता है. 

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)   

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Why does Shiv Shankar always sit with one leg folded? Understand not only the spiritual but also the scientific reason behind this
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शिवजी हमेशा एक पैर मोड़कर क्यों बैठते हैं?
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शिवजी एक पैर मोड़कर क्यों बैठते हैं
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शिवजी एक पैर मोड़कर क्यों बैठते हैं

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शिवजी हमेशा एक पैर मोड़कर क्यों बैठते हैं? आध्यात्मिक ही नहीं, वैज्ञानिक कारण भी समझें

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