आज हर किसी के बीच प्रेम संबंध है, चाहे वह कल का हो या आज का. लेकिन किसी कारणवश यह रिश्ता विवाह में नहीं बदल पाता. इसका मतलब यह है कि हम एक व्यक्ति से प्यार करते हैं और किसी दूसरे से शादी कर लेते हैं. हमें भी ऐसा कुछ देखने और सुनने को मिलता है. विवाह का अर्थ है एक-दूसरे के साथ जीवनभर रहना, जीवन भर एक-दूसरे का साथ देना और एक-दूसरे से बिना शर्त प्यार करना. शादी सिर्फ प्यार और विश्वास का बंधन नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के बीच भावनात्मक और मानसिक बंधन भी बनाती है. लेकिन क्या होगा यदि हम उस व्यक्ति के अलावा किसी और से शादी कर लें जिससे हम प्यार करते हैं? वही वह सवाल है. लेकिन कुछ लोग शादी के बाद अपने प्यार को भूलने की कोशिश करते हैं और जिससे उनकी शादी हुई है उससे प्यार करने लगते हैं और खुशी-खुशी अपना जीवन जीने लगते हैं. इसके पीछे कारण कुछ भी हो सकता है. लेकिन क्या आपको शादी के बाद अपने साथी से अपने पिछले प्रेम संबंधों के बारे में बात करनी चाहिए? यह प्रश्न उठता है. प्रेमानंद जी महाराज ने इस पर अपने विचार व्यक्त किए हैं. चलिए जानते हैं.
आजकल, कई लोग अपने जीवनसाथी से अपने पिछले रोमांटिक रिश्तों के बारे में ईमानदारी से बात करते हैं. हर किसी की यह सामान्य मानसिकता होती है कि कुछ भी छिपाने से परेशानी हो सकती है. लेकिन प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, सब कुछ बताना जरूरी नहीं है, खासकर अगर बात आपके पिछले प्रेम संबंध की हो.
जानिए प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा?
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि शादी के बाद हर व्यक्ति को अपने जीवनसाथी के प्रति पूरी तरह से वफादार रहना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति का विवाह से पहले किसी के साथ रोमांटिक संबंध रहा है, तो उस व्यक्ति को अपने अतीत को भूलकर अपने वर्तमान साथी के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करना चाहिए. वे कहते हैं कि पुराने प्रेम के बारे में बात करने से रिश्ते में नकारात्मकता आ सकती है. इस कारण से विवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
पिछले रिश्तों के बारे में खुलकर बात करने से आपका साथी असुरक्षित और संदिग्ध महसूस कर सकता है. इससे वर्तमान संबंध प्रभावित हो सकते हैं. विवाह एक नई शुरुआत है और इसे अतीत के बोझ से मुक्त रखा जाना चाहिए. जब कोई व्यक्ति शादी कर लेता है, तो वह अपने साथी के लिए सबसे महत्वपूर्ण और प्रिय व्यक्ति बन जाता है.
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति पहले किसी गलत रिश्ते में समय बिता चुका है और अब पवित्र विवाह में रहने की कोशिश कर रहा है, तो उस व्यक्ति को यह समझने की जरूरत है कि वह उसका अतीत था और अब उसे अपने वर्तमान रिश्ते पर पूरा ध्यान देना चाहिए. प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, सही रास्ता यही है कि अतीत को पीछे छोड़ दिया जाए और वर्तमान में खुश रहा जाए. हमें जीवन में की गई गलतियों को स्वीकार करना चाहिए और अपने भविष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.
- Log in to post comments

प्रेमानंद महाराज के अनमोल विचार
क्या पति या पत्नी को अपने पिछले प्रेम संबंध के बारे में बताना चाहिए? प्रेमानंद महाराज से जानिए