Mahakumbh 2025 Updates: आज सोमवार को महाकुंभ का 43वां दिन है. महाकुंभ का सिर्फ एक स्नान महाशिवरात्रि का बचा है. प्रयागराज में महाकुंभ मेले में लगातार अभूतपूर्व भीड़ देखी जा रही है.यहां तक कि कुंभ के पानी में हानिकारक बैक्टीरिया की मौजूदगी को लेकर चल रही बहस के बावजूद, देश के विभिन्न हिस्सों से करोड़ों लोग प्रयाग-संगम में पवित्र डुबकी लगाने आए हैं.
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि 26 फरवरी तक प्रयागराज में कई करोड़ से अधिक श्रद्धालु आएंगे, इसलिए प्रशासन पहले से तैयारियां कर रहा है. कुल मिलाकर महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं है, इसका उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा प्रभाव पड़ता है.
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के अनुसार, इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा. महाकुंभ की अंतिम स्नान तिथि 26 फरवरी है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस शहर के अधिकांश होटल पहले से ही भरे हुए हैं. बुकिंग 27 फरवरी तक खुली है.
आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक के अनुसार कि अरैल टेंट सिटी 28 तारीख तक पूरी तरह बुक हो चुकी है. प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि महाकुंभ में उम्मीद से ज्यादा लोग आए. महाकुंभ 2025, सभी विवादों और प्रतिकूलताओं को पार करते हुए, एक बड़ी सफलता का गवाह बना है. तीर्थयात्रियों की बड़ी उपस्थिति यह साबित करती है कि लोगों की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के प्रति निष्ठा अभी भी अटूट है.
अरैल में बने तम्बुओं के बारे में भी यही बात सच है. ज्ञातव्य है कि प्रयागराज में प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु जुटते हैं. ऐसे में प्रयागराज के मेला क्षेत्र में बने होटल, होम स्टे और लग्जरी कॉटेज सभी 26 फरवरी तक एडवांस में बुक हो चुके हैं.
11 फरवरी तक 45 करोड़ श्रद्धालुओं संख्या पार हो चुकी थी. 14 फरवरी को भीड़ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और तीर्थयात्रियों की संख्या 500 मिलियन को पार कर गई थी. मौनी अमावस्या पर एक दिन में सबसे अधिक भीड़ उमड़ी थी, उस दिन करीब आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था. बताया जा रहा है कि शनिवार तक 550 मिलियन से अधिक तीर्थयात्रियों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई है.
चारों तरफ लगा जाम
महाकुंभ के कुछ ही दिन शेष बचे हैं. वहीं लास्ट वीकेंड हैं. ऐसे में दूर दराज से श्रद्धालु भारी संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं. रेल से लेकर गाड़ियों तक ताता लगा हुआ है. कई जगह पर रेल सेवा को रोक दिया गया है तो वहीं प्रयागराज में बस और गाड़ियों को रोका जा रहा है. लोग महाकुंभ के बाद काशी की ओर रुख कर रहे हैं.
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