भारतीय रसोई का अभिन्न अंग हल्दी सदियों से अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है. पीली हल्दी हर घर में आसानी से मिल जाती है, लेकिन क्या आपने कभी काली हल्दी के बारे में सुना है? दिखने में जितनी अनोखी काली हल्दी है, उतनी ही कई बीमारियों के लिए रामबाण इलाज मानी जाती है. यह आम पीली हल्दी से कहीं ज्यादा गुणकारी और औषधीय गुणों से भरपूर होती है. काली हल्दी में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इसे अनोखे औषधीय गुण प्रदान करते हैं. आइए यहां जानते हैं कि काली हल्दी किस तरह से सेहत के लिए फायदेमंद है.
काली हल्दी के फायदे
सूजन कम करने में मददगार
काली हल्दी में मौजूद करक्यूमिनोइड्स में शक्तिशाली दर्द निवारक और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं. यह गठिया, जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द और शरीर के अन्य प्रकार के दर्द से राहत दिलाने में बेहद कारगर है. यह शरीर में सूजन को कम करके दर्द से राहत प्रदान करता है, जिससे दर्द से पीड़ित लोगों को राहत मिलती है.
पाचन के लिए
काली हल्दी पाचन तंत्र के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. यह पेट में गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती है. यह पाचन एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ाती है और आंतों को स्वस्थ रखती है, जिससे पाचन प्रक्रिया सुचारू रहती है. जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए काली हल्दी एक प्राकृतिक औषधि के रूप में काम करती है.
इम्यूनिटी बढ़ाएं
काली हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं. यह शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने में मदद करता है, जिससे आप स्वस्थ और फिट रहते हैं. आजकल के बदलते मौसम और बीमारियों के खतरे को देखते हुए, काली हल्दी का सेवन आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने का एक बेहतरीन तरीका है.
त्वचा के लिए
काली हल्दी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. यह त्वचा को संक्रमण से बचाती है, घावों को जल्दी भरने में मदद करती है और त्वचा को चमकदार बनाती है. काली हल्दी का पेस्ट त्वचा संबंधी बीमारियों, जैसे एक्जिमा और सोरायसिस में भी फायदेमंद हो सकता है. यह त्वचा को स्वस्थ और खूबसूरत बनाए रखने में मदद करती है.
कैंसर से बचाव में
कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि काली हल्दी में एंटी-कैंसर गुण भी होते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने और कैंसर से बचाव में मदद कर सकते हैं.
डायबिटीज में मददगार
काली हल्दी ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकती है. यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाती है और ब्लड शुगर के स्तर को कम करती है, जिससे डायबिटीज मरीजों को लाभ हो सकता है. काली हल्दी डायबिटीज को कंट्रोल करने में एक कारगर उपाय है.
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काली हल्दी का सेवन कैसे करें
चूर्ण के रूप में
काली हल्दी का चूर्ण भोजन में मसाले के रूप में, दूध या पानी में मिलाकर या स्मूदी में डालकर सेवन किया जा सकता है.
लेप के रूप में
काली हल्दी के चूर्ण को पानी या तेल के साथ मिलाकर लेप बनाकर दर्द वाले या सूजन वाले स्थान पर लगाया जा सकता है. ह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है, साथ ही त्वचा रोगों में भी लाभकारी हो सकता है.
कैप्सूल या सप्लीमेंट के रूप में:
आजकल काली हल्दी के कैप्सूल और सप्लीमेंट भी बाजार में उपलब्ध हैं, जिन्हें डॉक्टर की सलाह से लिया जा सकता है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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