डीएनए हिंदी: कांग्रेस के 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' मैराथन दौड़ कार्यक्रम को प्रशासन की अनुमति ना मिलने के बावजूद लखनऊ के 1090 चौराहे पर मैराथन में लड़कियां दूर-दूर से शामिल होने पहुंची. यहां पहुंची लड़कियों की ये संख्या फिलहाल लगभग दस हजार बताई जा रही है. लड़किया मैराथन रोकने को लेकर सरकार से नाराज नजर आईं. इस दौरान यहां कांग्रेस के तमाम नेता भी मौजूद दिखे.
अनुमति ना होने के बावजूद 1090 चौराहे पर इक्ट्ठा हुई लड़कियां लगातार तालियों और महिला सशक्तिकरण के नारों के बीच 'लड़की हूं, लड़की सकती हूं' का सुर बुलंद करती नजर आईं.
दरअसल प्रदेश कांग्रेस की ओर से 'लड़की हूं , लड़ सकती हूं' अभियान के तहत आज 26 दिसंबर को लखनऊ और वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के गढ़ झांसी में महिला मैराथन का आयोजन किया था. लखनऊ में मैराथन को अभिनेत्री मंदिरा बेदी और कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला हरी झंडी दिखाकर रवाना करने वाले थे. इस पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी थी. इसके लिए जिला प्रशासन ने धारा 144 और कोविड प्रोटोकॉल का हवाला दिया था.
महिला कांग्रेस की मध्य जोन की अध्यक्ष ममता चौधरी ने बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस में महिला मैराथन के बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि मैराथन 26 दिसंबर को लखनऊ के वूमने पावर लाइन चौराहा 1090 चौराहा से शुरू होगी. पांच किलोमीटर लंबी मैराथन में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली लड़कियों को एक-एक स्कूटी पुरस्कार के रूप में दी जाएगी. उसके बाद चौथे से 28वें स्थान पर रहने वाली महिलाओं को एक-एक स्मार्ट फोन दिया जाएगा. उनके बाद 29 से 128 स्थान रहने वाली महिलाओं को एक-एक स्मार्ट बैंड दिया जाएगा. इससे पहले कांग्रेस ने 19 दिसंबर को मेरठ में मैराथन का आयोजन किया था.
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