डीएनए हिंदी: ओडिशा के पूर्व सीएम हेमानंद बिस्वाल का शुक्रवार को भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 83 वर्ष के थे. कांग्रेस के दिग्गज नेता दो बार ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किए गए थे. उन्होंने 7 दिसंबर 1989 से 5 मार्च 1990 तक और 6 दिसंबर 1999 से 5 मार्च 2000 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया.
बिस्वाल ओडिशा के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज सुंदरगढ़ से इंटरमीडिएट किया. माई नेता की जानकारी के अनुसार, वह पेशे से किसान रहे हैं. वह पहली बार 1974 में विधायक चुने गए. वहीं 2009-14 में सुंदरगढ़ से सांसद बने.
Rajasthan: जान जोखिम में डालकर पेट पालने को मजबूर मासूम, जानलेवा करतब दिखाते समय हुआ बड़ा हादसा
1 दिसंबर 1939 को झारसुगुडा के ठाकुरपाड़ा गांव में जन्मे बिस्वाल कुशल और सक्षम राजनेता के रूप में माने जाते रहे. उन्हें 1998 और 99 के बीच ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था. इसके अलावा उन्होंने संवैधानिक भूमिकाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय राजनीति में प्रमुख भूमिकाएं निभाईं.
ओडिशा कांग्रेस प्रमुख निरंजन पटनायक ने दिग्गज नेता के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि बिस्वाल का निधन ओडिशा की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है.
South Delhi के स्कूलों में धार्मिक पोशाक पहनने पर रोक, हाई कोर्ट में फैसला सुरक्षित
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने बिस्वाल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा, ओडिशा के पहले आदिवासी सीएम हेमानंदा बिस्वाल जी के निधन पर बहुत दुख हुआ. उन्होंने 1990 के दशक में दो बार संक्षिप्त कार्यकाल के लिए उस कार्यालय को संभाला. हम एक दूसरे को जानते थे. अक्सर बातचीत की थी, वह हमेशा बहुत ही मिलनसार और प्रतिष्ठित व्यक्ति थे. उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना.
बिस्वाल का पार्थिव शरीर शनिवार को सुबह 6 बजे उनके भुवनेश्वर स्थित नयापल्ली स्थित आवास पर लाया जाएगा. उनका अंतिम संस्कार कल उनके पैतृक गांव ठाकुरपाड़ा में सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाएगा.
- Log in to post comments

hemananda biswal
ओडिशा के पहले आदिवासी सीएम Hemananda Biswal का निधन