Greater Noida News: यदि आप दिल्ली-NCR में प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं तो ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सभी के हॉट फेवरेट बने हुए हैं. लेकिन यदि आपको प्रॉपर्टी खरीदनी है तो तत्काल खरीद लीजिए, क्योंकि जल्द ही आपको इसके लिए अपना बजट बढ़ाना पड़ सकता है. दरअसल ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी (GNIDA) एक ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जिससे इस इलाके की जमीनों के दाम बढ़ जाएंगे. ग्रेनो अथॉरिटी लगातार दूसरे साल जमीन की कीमत बढ़ाने जा रही है. साल 2025-26 में जमीन की कीमतों को 5 से 8% तक बढ़ाने जा रही है. अपनी जेब में सिटी डेवलपमेंट के लिए पैसा बढ़ाने के लिए की जा रही अथॉरिटी की इस प्लानिंग का सीधा असर फ्लैट से लेकर कॉमर्शियल प्रॉपर्टी तक की कीमतों पर पड़ने जा रहा है. इनके दाम भी पहले के मुकाबले बढ़ जाएंगे. यह प्रस्ताव मार्च में ही होने जा रही ग्रेनो अथॉरिटी की बोर्ड मीटिंग में रखा जाएगा, जहां से इसके पास होते ही अगले वित्तीय वर्ष में जमीनों की कीमत में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो जाएगा.
ग्रेनो करेगा अपने बजट में 20% बढ़ोतरी
Zee News की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेनो अथॉरिटी के अधिकारियों ने कीमत में बदलाव के संकेत दिए हैं. उन्होंने इसका कारण GNIDA के बजट प्लान में होने जा रही 20% बढ़ोतरी को बताया है. इस बढ़ोतरी के बाद ग्रेनो अथॉरिटी का बजट साल 2024-25 के 4,859 करोड़ रुपये के मुकाबले अगले वित्त वर्ष के लिए 5,600 करोड़ रुपये का हो जाएगा. बजट बढ़ाने की जरूरत जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मेट्रो ट्रेन नेटवर्क विस्तार जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण पड़ी है. इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए ही ग्रेनो अथॉरिटी को 170 करोड़ रुपये की जरूरत है. इस कारण ही जमीन की कीमतों में बदलाव किया जा रहा है.
बजट बढ़ाकर भी हकीकत में नहीं बदल पा रहे प्रोजेक्ट्स
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी भले ही अपने बजट में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है, लेकिन उसके डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स उतनी तेजी से हकीकत नहीं बन पा रहे हैं. मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भी डेवलपमेंट के लिए ही ग्रेनो अथॉरिटी ने अपने बजट में 5% की बढ़ोतरी की थी, लेकिन 2024-25 के दौरान रखे गए 4,859 करोड़ रुपये के बजट में से जनवरी तक ग्रेनो अथॉरिटी महज 1,180 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं. अथॉरिटी 120 करोड़ रुपये का इंटरनल डेवलपमेंट वर्क पूरा नहीं कर पाई, जबकि कई योजनाएं कागजों पर ही रह गईं. जमीन खरीदने के लिए रखे गए 1,200 करोड़ रुपये भी खर्च नहीं हुए, जबकि घरों, दुकानों पर स्टॉल्स पर 59 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना भी कागजों पर ही रह गई. खास प्रोजेक्ट्स के लिए 930 करोड़ रुपये रखे गए थे. इसी तरह विकास के काम के लिए तय किये गए 1,272 करोड़ रुपये भी करीब वैसे ही पड़े रहे. हालांकि यदि अथॉरिटी इन प्लान्स को पूरा करती है तो इसका असर भी रिहायशी, कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल और संस्थागत सभी प्रॉपर्टीज पर पड़ेगा.
ग्रेटर नोएडा में अब भी सस्ती नहीं है जमीन
ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल जमीन की कीमत फिलहाल 9,920 रुपये से 30,788 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बीच है. इसके उलट रिहायशी प्लॉट की कीमत 31,877 रुपये से 47,227 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बिक रहे हैं. हालांकि इनका मार्केट प्राइस इससे भी कहीं ज्यादा है. ग्रेटर नोएडा में 2 FAR वाले कॉमर्शियल प्लॉट की कीमत सबसे ज्यादा 57,176 रुपये से 66,602 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बीच है.
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