डीएनए हिंदी: बंगाल की बालीगंज विधानसभा सीट (Ballygunge Assembly Seat) पर एक हफ्ते बाद उपचुनाव होना है. इस सीट से टीएमसी के टिकट पर बाबुल सुप्रियो चुनाव लड़ रहे हैं. बाबुल सुप्रियो बीजेपी के टिकट पर दो बार आसनसोल से सांसद रह चुके हैं. यह सीट टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुभ्राता मुखर्जी के निधन के बाद खाली हुई थी.
बदले हालातों में भले ही बाबुल सुप्रियो टीएमसी के चुनाव चिन्ह पर नई सियासी पारी शुरू कर रहे हो लेकिन वो एकबार फिर से अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. जी न्यूज की संवाददाता पूजा मेहता से बातचीत में बाबुल सुप्रियो ने कहा, "यह सच है कि मुझे दर्द पहुंचा था. अच्छे प्रदर्शन के बावजूद जब मुझे यूनियन मिनिस्टर की पोस्ट से रिजाइन करने के लिए कहा गया तो मुझे तकलीफ पहुंची थी."
विरोधियों द्वारा दल-बदल के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लोग भले ही मुझे दल-बदलू कर रहे हों लेकिन यह सही नहीं है. मैंने सांसद के पद से भी इस्तीफा दिया था. अपना बंगला और आवास भी छोड़ दिया था और कुछ नहीं रखा.
बाबुल ने दावा करते हुए कहा, "मैं पदों के पीछे भागने वाला व्यक्ति नहीं हूं. मुझे याद है जब मोदी सरकार नई कैबिनेट लेकर आई थी, तब ममता बनर्जी ने कहा था कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया, फिर भी इस्तीफा देने के लिए कहा गया. उनके द्वारा पार्टी में शामिल होने के लिए कहने के बाद मैं इससे ज्यादा खुश नहीं हो सकता था."
उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद वो भाजपा के पहले ऐसे सांसद थे जो बंगाल में किसी संसदीय सीट पर बिना गठबंधन के जीतने में सफल रहे. बाबुल सुप्रियो ने कहा, "मुझे जीवन में चुनौतियां पसंद हैं. मैंने संगीत को आगे बढ़ाने के लिए अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी. मैंने स्टैंडर्ड चैटर्ड बैंक में अपनी नौकरी छोड़ दी थी और संगीत की पढ़ाई करने के लिए बिना किसी मदद के मुंबई चला गया."
बाबुल सुप्रियो ने आगे कहा, "इसी तरह, जब मैं एक फ्लाइट में रामदेव बाबा से मिला, तो मैंने उन्हें एक चुनौती दी कि मुझे किसी भी सीट पर खड़ा कर दो और मैं जीत जाऊंगा. मैंने दो बार खुद को साबित किया. मैं न केवल दो बार आसनसोल से जीता, बल्कि सांसद के रूप में अपने अंतिम दिन तक लोगों के लिए काम किया."
सुवेंदु अधिकारी पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, "मैं सुन रहा हूं कि सुवेंदु अधिकारी अमित शाह से गुहार लगा रहे हैं कि ईडी, सीबीआई जैसी एजेंसियां मेरे पीछे लगा दी जाएं. अगर वे मुझे परेशान करते हैं, तो यह भाजपा का दोहरा मापदंड दिखाएगा. ये वही लोग हैं जो जिन्होंने ऑन रिकॉर्ड कहा है कि रोज वैली और सारदा समूह के साथ मेरा कोई संबंध नहीं है."
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Babul Supriyo