आजकल तलाक और एलिमनी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं. हाल में भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) और धनश्री वर्मा का शादी के 4 साल बाद तलाक हो गया है. इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद चहल एलिमनी के तौर पर धनश्री को 4.75 करोड़ की मोटी रकम अदा करेंगे. इस रकम में से क्रिकेटर अभी तक 2.30 करोड़ रुपये दे चुके हैं. बाकी बची रकम वह आगे चुकाएंगे. ऐसा पहला मामला नहीं है. इस तरह के तलाक और एलिमनी के कई मामले सामने आए हैं.
कैसे तय होता है एलिमनी का पैसा
तलाक के बाद मोदी रकम चुकाना हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है. लेकिन क्या आप जानते है कि एलिमनी की रकम कैसे तय होती हैं. आदालत आखिर ये फैसला किस आधार पर लेती हैं. दरअसल देखा जाए तो तलाक के बाद एलिमनी का पैसा किसी भी तय नियम के आधार पर तय नहीं किया जाता लेकिन कई फेक्टर ऐसे हैं जिनका अवकलन कर आदालतें ये रकम तय करती हैं. इनमें पति पत्नी की वित्तीय स्थिति, उनकी कमाई की क्षमता और शादी में उनके योगदान जैसे कई फैक्टर्स होते हैं.
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कई फेक्टर ध्यान में रखकर लिया जाता है फैसला
साथ ही कोर्ट कहता है कि शैक्षिक रूप से योग्य होने पर अगर पत्नी अपने पति के साथ रहती है और उसके परिवार को संभालने के अलावा उसके व्यवसाय में भी हाथ बटाती हैं तो कोर्ट मानेगा कि लड़की ने अपने पति के परिवार के लिए अपने करियर का त्याग किया. एसी स्थिति में गुजारा भत्ते का मकसद होगा कि लड़की को इतना पैसा मिले कि वह एक समान जीवनशैली बनाए रखे, साथ ही लड़के की भुकतान करने की क्षमता पर भी ध्यान दिया जाता है. अदालत कई फैक्टर ध्यान में रखती है, जिसमें दोनों पक्षों की इनकम, विवाह के दौरान बर्ताव, सामाजिक और वित्तीय स्थिति, व्यक्तिगत खर्च और आश्रितों के प्रति जिम्मेदारियां शामिल हैं.
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Money after divorce
तलाक के बाद क्या पति को मिल सकता है गुजारा भत्ता, कैसे तय होता है एलिमनी का पैसा, जनिए सब कुछ