जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बधाल गांव में एक रहस्मयी बीमारी लोगों के लिए काल बन गई है. अब तक इस बीमारी से जम्मू संभाग में 16 लोगों की जान चली गई है. इसमें 12 बच्चे शामिल हैं. वहीं, शुक्रवार को अज्ञात कारणों से 60 साल की जट्टी बेगम नाम की बुजुर्ग महिला की मौत हो गई. एक अन्य लड़की भी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है. हैरानी की बात ये है कि पहली मौत के दो महीने बाद भी इस बीमारी के कारणों का पता नहीं लगाया जा सकता है.
कब-कब गई जान
मिली जानकारी के मुताबिक, ये मौतें एक ही गांव में हो रही हैं. राजौरी जिले के बधाल गांव में बुधवार रात एक 9 साल की बच्ची की इस बीमारी से मौत हो गई. गांव में 7 से 16 दिसंबर 2024 तक दो परिवारों के 9 सदस्यों की जान चली गई थी. 11 जनवरी को मोहम्मद असलम के 6 बच्चे बीमार हुए, जिनमें से चार की मौत हो गई. 12 जनवरी को एक 10 साल की बच्ची की जान गई. बता दें, अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों के तीन घरों को सील कर दिया है, जबकि उनके 21 करीबी रिश्तेदारों को कड़ी निगरानी में रखने के लिए सरकारी देखभाल केंद्र में स्थानांतरित कर दिया है.
'मौतें के कारणों की जांच जारी'
इस मामले पर मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'हालातों पर पहले ही नजर रखी जा रही है. मौतें किन कारणों से हो रही हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है. इन मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए कई स्वास्थ्य एजेंसियां पहले से ही जांच कर रही हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'अब तक वायरल, जीवाणु जनित या फंगल संक्रमण का कोई सबूत नहीं मिला है. कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है. किसी भी संभावित आपराधिक पहलू की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है.'
मंत्री ने रहस्यमयी बीमारी से किया इनकार
वहीं, राज्य की स्वास्थ्य मंत्री सकीना मसूद ने गांव में हुई मौतों के लिए रहस्यमयी बीमारी होने की आशंका से इनकार किया है. उनका कहना है कि राज्य के अंदर और बाहर हुए सभी जांच के रिजल्ट निगेटिव आए हैं. वहीं, कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मृतकों के नमूने में 'न्यूरोटॉक्सिन' (Neurotoxin) पाए जाने की बात भी कही है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने नेशनल और इंटरनेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट से इस बीमारी पर मदद ली है. इनमें से किसी भी जांच में नेगेटिव रिजल्ट नहीं मिले हैं. पानी और खाने के सैंपल की जांच में भी किसी जहरीली चीज का पता नहीं चला है.
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मुख्यमंत्री ने लिया था जायजा
बता दें, राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 25 दिसंबर को श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की थी और स्थिति का जायजा लिया था. राजौरी जिले के बधाल गांव में हुई इन रहस्यमयी मौतों के कारण अब तक गांव में डर और चिंताएं बनी हुई हैं. लोग इस बीमारी के कारणों को समझना चाह रहे हैं.
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नहीं पकड़ में आ रही जम्मू-कश्मीर की ये रहस्यमयी बीमारी, अब तक 16 लोगों की मौत, एक परिवार के 5 बच्चों की गई जान