महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) में उठा पटक का दौर थमता नहीं दिख रहा है. शिवसेना (UBT) के मुखपत्र सामना में दावा किया गया था कि एकनाथ शिंदे कैबिनेट मीटिंग में नहीं जाते हैं. सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच सब ठीक नहीं है. अब इस खबर में कुछ सच्चाई के संकेत भी मिलने लगे हैं. ऐसा दूसरी बार हुआ है जब डिप्टी सीएम शिंदे कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए हैं. यह बैठक कुछ अहम प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी. इसमें हिस्सा लेने के लिए अजित पवार तो पहुंचे, लेकिन शिंदे शामिल नहीं हुए थे.
शिंदे और फडणवीस के बीच नहीं चल रहा सब ठीक?
संजय राउत ने दावा किया था कि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच अब सामान्य बातचीत भी नहीं होती है. शिंदे को डर है कि बीजेपी उनका फोन टैप करा रही है. सोमवार को देवेंद्र फडणवीस ने एक अहम कैबिनेट बैठक बुलाई थी जिसमें सभी विभागों के मंत्री और डिप्टी सीएम अजित पवार शामिल हुए थे. हालांकि, शिंदे इस बैठक में नहीं पहुंचे. कुछ दिन पहले भी ऐसी ही एक कैबिनेट बैठक में वह नहीं आए थे. अब उनके मीटिंग से नदारद रहने के बाद सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है.
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बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नतीजे में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस को सीएम का पद मिला है. सूत्रों का कहना है कि शिंदे ने डिप्टी सीएम बनकर संतोष कर लिया, लेकिन वह गृह मंत्रालय अपने पास रखना चाहते थे और इसका मलाल अभी भी उन्हें है. बीजेपी की निर्भरता शिंदे के ऊपर अब नहीं है क्योंकि अजित पवार मजबूती के साथ एनडीए में शामिल हैं. ऐसे में बीजेपी और एनसीपी के विधायकों की संख्या बहुमत से काफी ऊपर है.
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देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच बढ़ गई तकरार
महाराष्ट्र में फडणवीस और शिंदे के बीच बढ़ती जा रही दरार, कैबिनेट की बैठक से नदारद रहे डिप्टी सीएम