मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) से आई एक चौंकाने वाली घटना ने धार्मिक भावनाओं को आहत कर दिया है. ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में एक विवाह समारोह आयोजित किया गया, जिसके बाद गर्भगृह में मेहमानों को भोजन परोसा गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए. इंदौर के मंडलायुक्त दीपक सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं, वहीं डीएम आशीष सिंह ने एडीएम को 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
मंदिर में शादी
यह मंदिर 100 साल से अधिक पुराना है, जहां किसी भी प्रकार के वैवाहिक आयोजन पर सख्त प्रतिबंध है. लेकिन हाल ही में वायरल वीडियो में देखा गया कि मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है. भगवान की प्रतिमा के पास शादी हो रही है, और वहीं पर मेहमानों को भोजन भी परोसा जा रहा है.
बिना अनुमति हुआ आयोजन
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस आयोजन के लिए नगर निगम और पुलिस से अनुमति नहीं ली गई थी. आयोजकों ने केवल 25,000 रुपये की पर्ची कटवाई, जो फेरे और दर्शन के नाम पर थी. वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों ने डीएम और मंडलायुक्त को टैग करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की.
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प्रशासन का रुख सख्त
मंडलायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि आयोजन किसने किया और इसके लिए अनुमति किसने दी. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि एडीएम गौरव बैनल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग करने वाले इस तरह के आयोजनों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. यह घटना धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करती है.
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इंदौर के 100 साल पुराने मंदिर में शादी पर मच गया बवाल, जांच के घेरे में आया मामला, जानें पूरी बात