पश्चिम बंगाल की राजनीतिक में गुरुवार को उस समय भूचाल आ गया जब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 2016 के स्कूल सेवा आयोग (SSC) द्वारा 25,753 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को रद्द करने का फैसला बरकरार रखा. विपक्ष के नेता और बीजेपी विधायक सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी से इस्तीफा देने का मांग की. उन्होंने कहा कि इस टीचर्स भर्ती सीएम ममता की संलिप्तता है इसलिए उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए.

हालांकि, सीएम ममता बनर्जी ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह न्यायपालिका का सम्मान करती हैं, लेकिन सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्तियों को लेकर कोर्ट के फैसले से ‘‘मानवीय आधार पर’ असहमत हूं. ममता ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि वह प्रभावित उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए गिरफ्तार होने को तैयार हैं.

ममता बनर्जी ने बीजेपी और CPI-M पर षड्यंत्र रचने और फैसले को प्रभावित करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करेगी. साथ ही वह सभी संभावित कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेगी.

बनर्जी ने कहा कि मैं न्यायपालिका और न्यायाधीशों का बहुत सम्मान करती हूं, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से मैं इस फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती. इस देश की नागरिक होने के नाते मुझे अपनी राय व्यक्त करने का पूरा अधिकार है. मैं न्यायाधीश और न्यायपालिका का सम्मान करती हूं, लेकिन मैं फैसले से असहमत हूं.

टीएमसी प्रमुख ने सवाल किया, ‘एक व्यक्ति के अपराध के कारण सभी को सजा कैसे मिल सकती है?’ उन्होंने बर्खास्त शिक्षकों के समर्थन के लिए बीजेपी द्वारा उन्हें निशाना बनाए जाने की आलोचना की. हमारे वकील इस मामले की समीक्षा करेंगे. अगर भाजपा मुझे उनका समर्थन करने के लिए जेल भेजना चाहती है, तो भेज सकती है. अगर आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें.

जस्टिस वर्मा कैशकांड का उठाया मामला

मुख्यमंत्री ने दिल्ली में एक न्यायाधीश के आवास से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने का जिक्र करते हुए सवाल किया कि जब न्यायाधीश के घर से धन बरामद होता है, तो ऐसे मामलों में अलग रुख क्यों अपनाया जाता है. मैंने एक न्यायाधीश के आवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की खबरें सुनी और पढ़ी हैं. अगर आप किसी वर्तमान न्यायाधीश के घर से धन बरामद करते हैं, तो उसका केवल तबादला किया जाता है.  फिर इन उम्मीदवारों का तबादला क्यों नहीं किया गया? 

उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों की नियुक्तियों को अमान्य घोषित करने का फैसला देने वाले कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय अब भाजपा के सांसद हैं. इससे पता चलता है कि यह फैसला कैसे सुनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी और माकपा की साजिश का नतीजा है.

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I cannot accept supreme court decision on teacher recruitment but will follow it Mamata Banerjee
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'मैं गिरफ्तार होने को तैयार...', क्या टीचर्स भर्ती स्कैम के जाल में फंस जाएंगी C
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'मैं गिरफ्तार होने को तैयार...', क्या टीचर्स भर्ती स्कैम के जाल में फंस जाएंगी CM ममता बनर्जी? 
 

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