हरियाणा में इस साल सर्दियों की विदाई समय से पहले ही हो गई है. ठंड कम पड़ने लगी है. साथ ही तापमान अचानक से बढ़ने लगा है. इसका सीधा असर खेती-किसानी पर दिख रहा है. गेहूं की बालियों में सुनहरी होने यानी पकने के लक्षण दिखाई देने लगे हैं. यदि तापमान यूं ही बढ़ता रहा, और ठंड की स्थिति नहीं बनी रही और स्थिति और भी अधिक विकराल हो सकती है.
पड़ सकता है पैदावार पर असर
अगर सब कुछ ऐसे ही चलता रहा तो अगेती गेहूं की फसल में इसका असर दिखेगा. गेहूं सुनहरी हो जाएगी, समय से पहले ही पकना शुरू हो जाएगी. गेंहू के दानों की गुणवत्ता पर इसका असर देखने को मिलेगा. दाने छोटे होने लगेंगे. साथ ही गेहूं के उत्पादन में भी 5 से 25 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इस स्थिति से किसान चिंतित हैं, साथ ही उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश हो और मौसम में ठंडापन फिर से लौट आए. हरियाणा की बात करें तो इस साल लगभग 37 लाख एकड़ में गेहूं की फसल लगाई गई है. कई जगहों पर अगेती गेहूं की खेती हो रही है. ठंड की कमी और तापमान में आई बढ़ोतरी की वजह से समय से पूर्व की अगेती गेहूं पकने लगी है.
बदलते तापमान से किसान परेशान
आपको बताते चलें कि प्रदेश में इस समय रात और दिन के मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिलता है. लगभग 13 से 15 डिग्री का फासला रहता है. किसान स्थिति को देखते हुए पूरी तरह से परेशान नजर आ रहे हैं. अगेती गेहूं में इस समय ठीक से दाने भी नहीं आये और फसल सुनहरी भी होने लगी है. इस स्थिति से अनुमान लगाया जा रहा है कि गेहूं के दाने अपने तय साइज़ के मुकाबले छोटे रहने वाले हैं. इसका बहुत बड़ा असर गेहूं के कुल पैदावार में पड़ सकता है.
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Haryana: तापमान के अचानक बढ़ने से जल्द ही पकने लगी गेहूं, गुणवत्ता में भी गिरावट, घट सकती है पैदावार