महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने बुधवार को पार्टी कार्यकार्तओं को नसीहत दी कि वे आज के नेताओं के पैर न छुएं, क्योंकि वो इसके लायक नहीं हैं. अजित पवार ने यह टिप्पणी बीड में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की युवा शाखा की एक रैली के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए की. उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता और चाचा के आशीर्वाद से ठीक हैं.
अजित पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके दौरे के दौरान उन्हें मालाएं, स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट करने को लेकर कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि मुझे यह सब नहीं चाहिए. मैं सिर्फ प्यार और सम्मान चाहता हूं. मेरे पैर न छुएं. क्योंकि आजकल के नेता पैर छूने के लायक नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि माता-पिता और चाचा के आशीर्वाद से मैं ठीक हूं. मुझे सिर्फ आपका प्यार और आपसी सम्मान चाहिए. अजित पवार की बगावत की वजह से 1999 में उनके चाचा शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी का विभाजन हो गया था.
2 साल पहले एनसीपी में की थी दो फाड़
अजित पवार ने जुलाई 2023 में एनसीपी में विभाजन कर पार्टी पर कब्जा जमा लिया था. साथ ही भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे. उस दौरान भी उन्हें राज्य सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाया गया था. मजबूरन चाचा शरद पवार को एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के नाम से अलग पार्टी बनानी पड़ी थी.
क्या पलटी मारना चाहते हैं अजित पवार?
लेकिन महाराष्ट्र में 2024 में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अजीत पवार की पार्टी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. लोकसभा में उसे 1 सीट मिली, जबकि विधानसभा में 41 सीटें जीतने में कामयाबी रही. इस बदौलत उसे महाराष्ट्र कि बीजेपी सरकार में जगह तो मिल गई. फिर से डिप्टी सीएम भी बन गए, लेकिन सरकार में उसे खास तवज्जो नहीं मिल रही है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि अजित अपने चाचा शरद पवार के पास वापस जाना चाहते हैं.
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Ajit Pawar
'आजकल के नेताओं के पैर न छुएं, वो इसके लायक नहीं', महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार ने किसे दी ये नसीहत?