Kerala Fraud Scooter Scheme: केरल के कोच्चि में एक 26 साल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर राज्य के लोगों को आधे दाम पर स्कूटर, घरेलू सामान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स चीजें बेचने के बहाने करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मुवत्तुपुझा के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी अनंथु कृष्णन 2022 से बड़ी कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड की मदद से आधी कीमत पर दोपहिया वाहन, सिलाई मशीन आदि मुहैया कराने का वादा कर रहा था. इसी बहाने उसने लोगों से 20 करोड़ से अधिक की ठगी की. कृष्णन के खिलाफ मुवत्तुपुझा और इडुक्की जिलों में पहले से ही धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के कई मामले दर्ज हैं. हाल ही में धोखाधड़ी का यह एक नया मामला है, जो उसके और कन्नूर में कांग्रेस नेता लाली विंसेंट सहित छह अन्य लोगों के खिलाफ इसी तरह के अपराधों के लिए दर्ज किया गया है.
पुलिस को मिलीं 400 से अधिक शिकायतें
यह मामला पुलिस को मिली 400 से ज्यादा शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया था. यह शिकायतें एनजीओ सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड रिसर्च एंड डेवलपमेंटल स्टडीज (एसपीआईएआरडीएस) द्वारा किए गए लेन-देन के संबंध में थीं. इस एनजीओ में विंसेंट का नाम कानूनी सलाहकार के तौर पर दर्ज है. कांग्रेस नेता ने कोच्चि में पत्रकारों से बात करते हुए कृष्णन का बचाव किया और कहा कि वह ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो इस तरह की धोखाधड़ी करेगा. उन्होंने कहा, 'वह मेरे लिए बेटे जैसा है.'
'बलि का बकरा बनाया गया'
विंसेंट ने दावा किया कि कृष्णन को इस मामले में बलि का बकरा बनाया गया, क्योंकि जिन लोगों ने उन्हें सीएसआर फंड दिलाने का वादा किया था, वे पीछे हट गए. उन्होंने कहा, 'हताशा में, उन्होंने कुछ चीजें कीं.' कृष्णन ने कई परिवारों को दोपहिया वाहन, सिलाई मशीन और अन्य उपकरण मुहैया कराए थे. विंसेंट ने कहा कि उन्होंने SPIARDS और कृष्णन के लिए कानूनी सलाहकार और वकील के रूप में काम किया और उनके लिए कई समझौतों का मसौदा भी तैयार किया, जिसके लिए उन्हें कानूनी फीस का भुगतान किया गया. हालांकि, पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि वादा किए गए स्कूटर उपलब्ध नहीं कराए गए.
महिलाओं ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप
इस बीच, सीड सोसाइटी के सैकड़ों सदस्य, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं, कन्नूर पुलिस स्टेशन पहुंचीं और अपने सचिव पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया कि उन्होंने पैसे जमा किए क्योंकि उनके कुछ परिचित लोगों ने लैपटॉप, सिलाई मशीन, पानी की टंकी, वाटर प्यूरीफायर, खाद्य किट आदि आधी कीमत पर दिलवाए थे.
आरोपी कैसे फंसाता था लोगों को?
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अनंथु कृष्णन की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि आरोपी ने 'मुवत्तुपुझा सामाजिक-आर्थिक विकास सोसाइटी' के नाम से एक सोसाइटी बनाई थी और इसके सदस्यों से एक कंसल्टेंसी में पैसे जमा करने का आग्रह किया था, जिसे उसने इस बहाने से स्थापित किया था कि वह उन्हें आधी कीमत पर दोपहिया वाहन उपलब्ध करा सकता है. आरोपी ने कथित तौर पर अपने नाम से कई कंसल्टेंसी भी बनाई थी और उनका इस्तेमाल करके लेन-देन किया था.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसने लोगों को यह विश्वास दिलाया था कि वह राष्ट्रीय एनजीओ फेडरेशन का राष्ट्रीय समन्वयक है और उसे भारत में विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है. अधिकारी ने बताया, 'जांच में पता चला है कि इस तरह से मुवत्तुपुझा से करीब 9 करोड़ रुपये की ठगी की गई.' उन्होंने बताया कि कृष्णन ने राज्य के हर ब्लॉक में ऐसी सोसायटी बनाई थी और 62 'सीड सोसायटी' के जरिए पैसे जुटाए थे. मुवत्तुपुझा और इडुक्की में कृष्णन के खिलाफ दर्ज मामलों के मुताबिक आरोपी ने लोगों से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि ठगी गई रकम बढ़ने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि इस धोखाधड़ी के सिलसिले में कुछ राजनीतिक नेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
उल्लेखनीय है कि कई कंपनियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि कृष्णन सीएसआर फंड के वादे पर लोगों को ठग रहा है. पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसे अब तक किसी भी कंपनी से कोई सीएसआर फंड नहीं मिला है.
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