आजकल उत्तर प्रदेश में एक आईएएस अधिकारी की चर्चा हर तरफ हो रही है. पहले अपनी कार्यकुशलता और निष्ठा के लिए पहचाने जाने वाले इस अधिकारी का नाम अब विवादों में है. हम बात कर रहे हैं आईएएस अभिषेक प्रकाश की. उन्होंने लखीमपुर, हमीरपुर, बरेली और लखनऊ जैसे प्रमुख जिलों में जिला अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई और 2019 से 2022 तक लखनऊ के जिला अधिकारी के रूप में कार्य किया. हालांकि, उनकी छवि अब भ्रष्टाचार के आरोपों से धूमिल हो गई है, जिसके कारण योगी सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है. आखिर कौन हैं सीनियर आईएएस अभिषेक प्रकाश, जिनकी छवि अब विवादों से घिर गई है?

उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक क्षमता को लेकर उनके बारे में हमेशा सकारात्मक समीक्षाएं आईं, लेकिन हाल के दिनों में उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. इन आरोपों के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है, और अब उनकी संपत्तियों की जांच की जा रही है.

अभिषेक प्रकाश का करियर

आईएएस अभिषेक प्रकाश का जन्म 21 दिसंबर 1982 को बिहार में हुआ था. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बिहार से ही प्राप्त की और बाद में IIT रुड़की से बीटेक किया. 2005 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आठवीं रैंक हासिल की और आईएएस अधिकारी बने. अपनी कड़ी मेहनत और कार्यकुशलता के कारण उन्होंने लखीमपुर, हमीरपुर, बरेली और लखनऊ जैसे प्रमुख जिलों में जिला अधिकारी के रूप में कार्य किया.

शानदार प्रशासनिक यात्रा

अभिषेक प्रकाश की प्रशासनिक यात्रा शानदार रही है. उन्होंने यूपी के विभिन्न जिलों में कार्य किया और हर जगह उनकी कार्यशैली की सराहना की गई. विशेष रूप से, लखनऊ में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया. उनकी उपलब्धियों में ‘इंवेस्ट यूपी’ जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने का काम भी शामिल था. लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहते हुए, उन्होंने शहर के विकास और भूमि मामलों में कई सुधार किए.


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आरोप और निलंबन

हालांकि, उनके करियर पर अब एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है. निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजलेंस ने गोपनीय जांच शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके सभी चल और अचल संपत्तियों की जांच का आदेश दिया था, जिसके बाद गृह विभाग ने भी जांच के निर्देश दिए. 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की पूरी सेवा अवधि की विजलेंस जांच होगी. इन्वेस्ट यूपी में पोस्टिंग से पहले, वे लखीमपुर, हमीरपुर, बरेली और लखनऊ के जिलाधिकारी के साथ-साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. लखीमपुर में उनकी पोस्टिंग के दौरान कई बीघा कृषि योग्य भूमि खरीदने के आरोप भी लगाए गए हैं. विजलेंस यह भी जांच करेगी कि उनके और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कितनी चल और अचल संपत्तियां खरीदी गई हैं.

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UPSC में टॉप रैंकर IIT से ग्रेजुएट! कौन हैं सीनियर IAS अभिषेक प्रकाश जानिए उनके
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UPSC में टॉप रैंकर IIT से ग्रेजुएट! कौन हैं सीनियर IAS अभिषेक प्रकाश जानिए उनके करियर और निलंबन की पूरी कहानी

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