दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है. रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है. वह गुरुवार (20 फरवरी) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी. सुषमा स्वराज के बाद पहली बार है जब दिल्ली में किसी महिला को मुख्यमंत्री बनाया गया है. 50 साल की रेखा गुप्ता शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक चुनकर आई हैं. मेयर से लेकर दिल्ली राज्य इकाई की महासचिव तक उनकी भूमिका सक्रिय रही. इसी सक्रियता ने उन्हें दिल्ली की सीएम की कुर्सी तक पहुंचा दिया.

लेकिन यह सीएम का ताज उनके लिए आसान नहीं होगा.  दिल्ली में पानी की किल्लत, सीवर लाइन, कूढ़े के ढेर जैसी अनेक समस्याएं हैं. जिनका निपटारा करना उनके लिए काफी चुनौती भरा होगा. इसके अलावा बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि हर महिला को 2500 रुपये दिए जाएंगे. AAP सरकार की बिजली फ्री, पानी फ्री, महिलाओं के लिए बस सेवा मुफ्त वाली योजनाएं भी जारी रखने का वादा किया गया था.

कैसे होंगे घोषणा पत्र के वादे पूरे?
रेखा गुप्ता के लिए इन घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने के लिए काफी बजट की जरूरत होगी. जबकि नतीजे आने के बाद ही बीजेपी ने कहना शुरू कर दिया था कि केजरीवाल ने पूरा खजाना खाली कर दिया है. नई सरकार के पास पैसा नहीं होगा. अगर दिल्ली सरकार के पास पैसा नहीं होगा तो महिलाओं को 2500 रुपये महीने और मुफ्त की योजानाएं कैसे दी जाएंगी. बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज का वादा भी किया है.

AAP विपक्ष के रूप में होगी बड़ी चुनौती
दिल्ली में बीजेपी ने 48 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल करके भले ही सत्ता हासिल कर ली हो, लेकिन वह भली भांति जानती है कि आम आदमी पार्टी का वर्चस्व अभी खत्म नहीं हुआ है. 14 सीट ऐसी हैं जिनपर कांग्रेस की बदौलत वह AAP को हरा पाई है. अगर वो इन 5 सालों में जनता का विश्वास नहीं जीत पाई और उसकी सरकार कमजोर दिखी तो उसके लिए अगली बार की राह मुश्किल हो जाएगी. साथ ही केजरीवाल और AAP जैसी मजबूत पार्टी उसके विपक्ष में है.

केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं का विरोध भी हाई रहेगा. वह हर मुद्दे पर विधानसभा में सरकार के घेरने के प्रयास करेंगे. AAP सरकार दिल्ली की जनता को जो मुफ्त की सेवाएं देती आई है, अगर वो नहीं मिलेगी तो केजरीवाल जनता को भड़काने का काम करेंगे और बताएंगे डबल इंजन की सरकार वो नहीं कर पा रही जो हम कर रहे थे.

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क्या केजरीवाल की तरह LG से रहेगा टकराव?
केंद्र में भले ही बीजेपी की सरकार हो, लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल उनके साथ काम करना मुश्किल खड़ी कर सकते हैं. क्योंकि दिल्ली में जब तक आम आदमी पार्टी की सरकार थी, दिल्ली सरकार और LG के बीच तनाव चरम पर रहा था. केजरीवाल आरोप लगाते रहे कि केंद्र के इशारे पर एलजी काम नहीं करने दे रहे. केंद्र सरकार ने भी कानूनी रूप से उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ा दी थीं. लीगल रूप से आज LG इतने ताकतवर हो चुके हैं कि वह राजधानी में किसी भी काम में अड़ंगा लगा सकते हैं. 

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एलजी वीके सक्सेना पिछली सरकार की तरह इस सरकार पर भी हावी रहेंगे. क्योंकि इसके संकेत इस बात मिलने लगे कि दिल्ली सरकार के गठन से पहले ही एलजी ने यमुना सफाई का काम शुरू कर दिया था.

हालांकि, रेखा गुप्ता को दिल्ली की राजनीति का लंबा अनुभव रहा है. वह पेशे से वकील भी हैं. दक्षिण दिल्ली से मेयर भी रह चुकी हैं. ऐसे में राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का लाभ उठाना उन्हें अच्छे से आता है.

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रेखा गुप्ता के लिए क्या होंगी 5 सबसे बड़ी चुनौतियां, क्यों माना जा रहा कांटों ता
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Delhi New CM: रेखा गुप्ता के लिए क्या होंगी 5 सबसे बड़ी चुनौतियां, क्यों माना जा रहा कांटों का ताज?
 

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