UP BJP leadership change: उत्तर प्रदेश (यूपी) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 72 जिलों में नए जिलाध्यक्षों का ऐलान किया. सभी जिलों के पार्टी कार्यालयों में नाम का ऐलान किया गया. लखनऊ में पार्टी कार्यालय से वॉट्सऐप पर जिलों में नाम भेजे गए. बता दें, बीजेपी प्रदेश संगठन में 98 जिले हैं. इनमें से 72 के नाम घोषित किये जा चुके हैं. वहीं, 26 जिलों में भाजपा ने जबरदस्त विरोध का सामना किया और आखिरी वक्त में जिला अध्यक्ष का चुनाव टाल दिया गया.
प्रदेश की राजधानी लखनऊ से विजय मौर्य को भाजपा का जिला अध्यक्ष घोषित किया गया है. इटावा में भाजपा के नए जिलाध्यक्ष की आज ताजपोशी हो गई। रविवार को जिला चुनाव अधिकारी वीरेंद्र तिवारी द्वारा पार्टी कार्यालय पर इसकी घोषणा की गई. उन्होंने जिला कार्यालय पर महामंत्री अरुण कुमार गुप्ता अन्नू के जिलाध्यक्ष बनने की घोषणा की. रामपुर जिले में पार्टी ने हरीश गंगवार को नया जिलाध्यक्ष घोषित किया है. आगरा से प्रशांत पौनिया को जिलाध्यक्ष घोषित किया गया है. इस तरह 72 नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई. बताया जा रहा है कि नाराजगी झेल रहे जिलाध्यक्षों को हटाया गया है और नए जिलाध्यक्ष घोषित किए गए हैं.
यह बदलाव 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती देने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की जा रही है. साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में नए जिलाध्यक्षों का ऐलान कितना दमखम दिखाएगा, उसे समझने से पहले यह समझ लें जिलाध्यक्ष होते कौन हैं और ये किसी भी सरकार के लिए क्यों जरूरी हैं?
जिलाध्यक्ष कौन होते हैं और इनका काम क्या होता है?
जिलाध्यक्ष किसी भी राजनीतिक दल के जिला स्तर के प्रमुख होते हैं. उनका मुख्य कार्य पार्टी के संगठन को जिले में मजबूत करना, स्थानीय कार्यकर्ताओं को संगठित करना, चुनावी रणनीतियां बनाना और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाना होता है. वे अपने जिले में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और आम जनता व शीर्ष नेतृत्व के बीच की कड़ी के रूप में कार्य करते हैं.
यहां देखें जिलाध्यक्षों की लिस्ट
BJP ने खास रणनीति के तहत जिलाध्यक्षों के निर्वाचन को खासा महत्वपूर्ण बना दिया,आम तौर पर प्रदेश अध्यक्ष की सहमति से जिलों में अध्यक्ष चुने जाते है पर इस बार संगठन की कोशिश थी न क्षेत्रीय अध्यक्ष और न ही प्रदेश अध्यक्ष इसमें खास दखल दे पाए ।
— Awanish M Vidyarthi (@awanishvidyarth) March 16, 2025
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कितना दमखम दिखा पाएगी नई टीम?
BJP के लिए उत्तर प्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य बेहद महत्वपूर्ण है. पार्टी ने बीते चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) और विपक्षी दलों की रणनीतियों का सामना करना एक चुनौती होगी. ऐसे में नए जिलाध्यक्षों पर संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.
BJP का मुख्य आधार उसका मजबूत संगठन रहा है. नए जिलाध्यक्षों को पार्टी की विचारधारा को जमीनी स्तर तक पहुंचाने, कार्यकर्ताओं को संगठित करने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने का काम करना होगा. वहीं, उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरण चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में BJP ने इस संतुलन को साधने का प्रयास किया है, जिससे पार्टी को विभिन्न समुदायों का समर्थन मिल सके. 2024 के आम चुनावों के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनावों की दिशा तय करेंगे.
समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियां भी अपनी रणनीतियों को मजबूत करने में लगी हैं. ऐसे में BJP को अपने संगठन और जनाधार को बनाए रखने के लिए नए जिलाध्यक्षों से अधिक सक्रिय भूमिका की अपेक्षा होगी. नई टीम की कार्यशैली, स्थानीय मुद्दों पर पकड़ और बूथ स्तर पर सक्रियता ही 2027 के चुनावों में उनके प्रदर्शन को तय करेगी. पार्टी नेतृत्व ने अनुभवी और जमीनी नेताओं को प्राथमिकता दी है, जिससे संगठन में ऊर्जा बनी रहे.
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हालांकि, आगामी चुनावों में BJP को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जैसे कि किसान आंदोलन, महंगाई, बेरोजगारी, और विपक्ष की एकजुटता. इन चुनौतियों के बीच, नए जिलाध्यक्षों की कार्यकुशलता और संगठनात्मक क्षमता यह निर्धारित करेगी कि BJP 2027 में अपने विजय रथ को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाती है.
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UP में 72 नए BJP जिलाध्यक्षों का ऐलान, नई टीम 2027 के विधानसभा चुनावों में कितना दिखा पाएगी दमखम?