Who Was Maulana Hamidul Haq Haqqani: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के अखोरा खट्टक में शुक्रवार को दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे की मस्जिद में आत्मघाती बम धमाका किया गया है. धमाके में मदरसे के प्रमुख मौलाना हामिदुल हक हक्कानी को निशाना बनाया गया, जिसकी विस्फोट में मौत हो गई है. इसके अलावा भी दर्जनों लोगों की इस धमाके में मौत हुई है. इस हमले के साथ ही यह मदरसा फिर एक बार चर्चा में आ गया है, जिसके तार साल 2007 में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की देश निर्वासन से वापसी के बाद रैली में बम विस्फोट के जरिये की गई हत्या से जुड़े थे. यह मदरसा तालिबान के एक बड़े सेंटर के तौर पर भी मशहूर है, जहां अफगान और पाकिस्तान तालिबान के बड़े नेता पढ़ाई करते हैं. इसे पाकिस्तान के सबसे प्रभावशाली मदरसों में से एक माना जाता है.
कौन था धमाके में मारा गया मौलाना हक्कानी
मदरसे की मस्जिद में नमाज खत्म होने के ठीक बाद में किए गए धमाके में मौलाना हामिदुल हक हक्कानी की मौत हुई है. मौलाना हामिदुल हक हक्कानी मदरसा दारुल उलूम हक्कानिया का प्रमुख था. हामिदुल हक के पिता मौलाना समीउल हक हक्कानी को 'तालिबान का पिता' कहकर पुकारा जाता था, क्योंकि वह अफगान तालिबान की स्थापना करने वाले चुनिंदा लोगों में शामिल था. समीउल हक की पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (TTP) की स्थापना के पीछे भी अहम भूमिका मानी जाती थी. TTP वही आतंकी संगठन है, जिसने पाकिस्तान में दर्जनों बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया है. समीउल हक जमीयत-उल-इस्लामी-समी (JUI-S) का प्रमुख भी था. समीउल हक की भी साल 2018 में उनके ही घर में आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी. समीउल हक की हत्या के बाद हामिदुल हक को JUI-S का मुखिया चुना गया था. हामिदुल हक खैबर पख्तूख्वा से सांसद भी रह चुका था.
भारत विरोधी तकरीरों के लिए मशहूर था हामिदुल
आत्मघाती हमले में मारा गया मौलाना हामिदुल हक हक्कानी भारत के कट्टर विरोधियों में गिना जाता था. उसे पाकिस्तान की जमीन पर एक्टिव भारत विरोधी आतंकी संगठनों के कार्यक्रमों में भी देखा गया था. वह लगातार भारत विरोधी बयान जारी करता रहता था और कार्यक्रमों में भी भारत विरोधी तकरीर देता था.
क्या है हक्कानिया मदरसे का इतिहास
अखोरा खट्टक में साल 1947 में बंटवारे के बाद पाकिस्तान की स्थापना के साथ ही दारुल उलूम हक्कानिया मदरसा खोला गया था. कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा वाले इस मदरसे को मौलाना हामिद-उल-हक हक्कानी के दादा मौलाना अब्दुल हक हक्कानी ने स्थापित किया था. इस मदरसे को पाकिस्तान में बेहद प्रभावशाली माना जाता है, जिसका असर सत्ता में मौजूद सरकार तक पर रहता है.
तालिबानी नेताओं का स्टडी सेंटर है हक्कानिया मदरसा
अफगानिस्तान में मौजूद तालिबान का हक्कानिया मदरसे से करीबी नाता रहा है. तालिबानी नेताओं की शिक्षा यहीं होती रही है. मौजूदा अफगान तालिबान सरकार के कई अहम नेता इसी मदरसे के पूर्व छात्र हैं. इनमें विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी, अब्दुल लतीफ मंसूर, कुख्यात हक्कानी नेटवर्क का संस्थापक मुल्ला जलालुद्दीन हक्कानी जैसे नाम शामिल हैं. पाकिस्तान में घातक आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान (TTP) के नेता भी इसी मदरसे से जुड़े रहे हैं.
बेनजीर भुट्टो की मौत से भी जुड़ा था कनेक्शन
दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे का कनेक्शन पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या से भी जुड़ा था. बेनजीर को भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी होने के बाद देश से निर्वासित होना पड़ा था, लेकिन साल 2007 में वह तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ की खिलाफत करने के लिए पाकिस्तान लौट आई थी. पाकिस्तान लौटकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की चीफ बेनजीर ने रैलियों से सत्ता विरोधी माहौल बना दिया था. इसी दौरान एक रैली में आत्मघाती बम विस्फोट के जरिये बेनजीर की हत्या कर दी गई थी. उस समय हत्या की जांच के दौरान आत्मघाती हमलावर के दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे से जुड़े होने की बात सामने आई थी. हालांकि मदरसा प्रशासन ने इसका खंडन कर दिया था और आरोपों को गलत ठहराया था.
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कौन था बम धमाके मारा गया हामिदुल हक्कानी, भुट्टो की हत्या से भी जुड़े थे हक्कानिया मदरसे के तार