इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में किसी टीम द्वारा खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट से जुड़े नियम तब चर्चा का विषय बन गए, जब कॉर्बिन बॉश को मुंबई इंडियंस की टीम में लिजाद विलियम्स की जगह शामिल किए जाने ने पाकिस्तान को आहत कर दिया. इस अडडेट के बाद कहा यही गया कि इस फैसले से बॉश ने पाकिस्तान सुपर (पीएसएल) के साथ उनके मौजूदा अनुबंध का कथित उल्लंघन किया. माना जा रहा है कि अब बॉश के ऊपर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से लीगल एक्शन लिया जा सकता है.
चूंकि जल्द ही दुनिया IPL 2025 की साक्षी बनने वाली है इसलिए, आईपीएल टीमों द्वारा नियमों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है. जिनके विषय में माना यही जा रहा है कि ये दो महीने लंबे सीजन के दौरान किसी भी क्षण रिप्लेसमेंट की मांग कर सकती हैं. ध्यान रहे IPL2025 22 मार्च से शुरू होकर 25 मई को फाइनल के साथ समाप्त होगा.
बताते चलें कि अभी हाल ही में बीसीसीआई ने अपनी प्लेयर रिप्लेसमेंट पॉलिसी का विस्तार किया है, जिससे टीमों को सीजन खत्म होने से पहले चोटिल या बीमार खिलाड़ियों के स्थान पर अन्य खिलाड़ियों को लाने की अनुमति मिल गई है. गवर्निंग बॉडी ने मौजूदा सीजन के लिए नियमों में संशोधन किया है, और रिप्लेसमेंट विंडो को 12वें लीग मैच तक बढ़ा दिया है, जबकि पिछली सीमा में केवल सातवें मैच तक ही बदलाव की अनुमति थी.
क्या रहेगी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की पात्रता
रिप्लेसमेंट खिलाड़ी बनने के इच्छुक खिलाड़ी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका नाम उस सत्र के लिए रजिस्टर्ड अवेलेबल प्लेयर पूल (आरएपीपी) लिस्ट में दिखाई दे. इसके अतिरिक्त, उनकी पूर्ण-सत्र लीग फीस, पूर्ण उपलब्धता के आधार पर, आरएपीपी सूची में निर्दिष्ट उनके स्व-घोषित आरक्षित मूल्य से कम नहीं होनी चाहिए.
RAPP पर किसी विशेष फ्रैंचाइज़ द्वारा नेट बॉलर के रूप में सूचीबद्ध गेंदबाज़ों को अन्य फ्रैंचाइज़ द्वारा भी चुना जा सकता है जो अपने घायल खिलाड़ियों के लिए रिप्लेसमेंट की तलाश कर रहे हैं. रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के लिए मुआवज़ा लीग शुल्क पर सीमित है, जो मूल खिलाड़ी को प्रतिस्थापित किए जाने के कारण होता है.
नियम में स्पष्ट रूप से लिखा है कि, 'यदि किसी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को किसी सत्र के दौरान भर्ती किया जाता है, तो उसे वास्तव में भुगतान की गई लीग फीस को, संबंधित सत्र के दौरान फ्रेंचाइजी के मैचों, जो उसके पंजीकृत होने से पहले हुए थे, तथा खिलाड़ी अनुबंध के तहत किसी भी अन्य प्रासंगिक कटौतियों को ध्यान में रखते हुए कम कर दिया जाएगा.'
क्या सैलरी कैप में भी हुआ है कुछ फेर बदल?
बीसीसीआई रूल बुक के अनुसार, 'इस पैराग्राफ 6 के अनुसार हस्ताक्षरित किसी भी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को देय लीग शुल्क को उस सत्र के वेतन सीमा के उद्देश्य से अनदेखा कर दिया जाएगा. यदि किसी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के खिलाड़ी अनुबंध को इसकी शर्तों के अनुसार बढ़ाया जाता है, तो अगले सत्र के लिए खिलाड़ी को देय लीग शुल्क संबंधित सत्र के वेतन सीमा के विरुद्ध लिया जाएगा.'
कहा यह भी गया है कि किसी भी मामले में, फ्रैंचाइज़ के दल का आकार 25 खिलाड़ियों से अधिक नहीं हो सकता.
नियम में आगे कहा गया है, 'संदेह से बचने के लिए, यदि कोई फ्रेंचाइजी किसी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी का अनुबंध बढ़ाती है, तो उसे किसी भी प्रासंगिक आगामी सत्र के लिए, टीम संरचना नियमों और वेतन सीमा के प्रयोजन के लिए किसी अन्य खिलाड़ी के समान माना जाएगा.'
यदि सत्र के मध्य में किसी ऐसे खिलाड़ी के स्थान पर रिप्लेसमेंट की मांग की जाती है, जो पहले ही कोई खेल खेल चुका है, तो नियमों के अनुसार...
1- उक्त चोट या बीमारी सीज़न में संबंधित टीम के 12वें लीग मैच के दौरान या उससे पहले होती है.
2- बीसीसीआई द्वारा नामित डॉक्टर पुष्टि करता है कि चोट या बीमारी सीज़न के अंत की है (यानी इसका मतलब है कि खिलाड़ी सीज़न के अंत (प्लेऑफ़ सहित) तक मैच के लिए फ़िट नहीं होगा.
3- चोट या बीमारी न होने पर, खिलाड़ी सीज़न के शेष सभी मैचों के लिए उपलब्ध रहेगा.
4- चोट या बीमारी के कारण खिलाड़ी उस सत्र में शेष लीग मैचों में भाग नहीं ले पाएगा.
ध्यान दें, ऐसी परिस्थितियों में, जिस खिलाड़ी को रिप्लेस किया जाता है, वह संबंधित सत्र के दौरान किसी भी मैच में फ्रैंचाइज़ के लिए फिर से नहीं खेल सकता है.
अब तक बदले गए खिलाड़ी
मुंबई इंडियंस: अल्लाह ग़ज़नफ़र (4.8 करोड़ रुपये) के बदले मुजीब-उर-रहमान (2 करोड़ रुपये)
सनराइजर्स हैदराबाद: ब्रायडन कार्स (1 करोड़ रुपये, बेस प्राइस) के बदले वियान मुल्डर (75 लाख रुपये, बेस प्राइस)
कोलकाता नाइट राइडर्स: उमरान मलिक (75 लाख रुपये, बेस प्राइस) के बदले चेतन सकारिया (75 लाख रुपये, बेस प्राइस)
मुंबई इंडियंस के दूसरे रिप्लेसमेंट लिजाद की जगह लेने वाले बॉश ने यह नहीं बताया कि पांच बार के चैंपियन मुंबई इंडियंस को उनको लाने पर कितना खर्च आया है. ध्यान रहे पिछले नवंबर में मेगा नीलामी में वह 30 लाख रुपये के अपने बेस प्राइस पर अनसोल्ड रहे. लिजाद को एमआई ने 75 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा था.
बहरहाल बीसीसीआई द्वारा अपनी प्लेयर रिप्लेसमेंट पॉलिसी का विस्तार टीमों के साथ साथ खिलाड़ियों के लिए कितना फायदेमंद है? या फिर इससे उन्हें नुकसान होगा इसकजा फैसला तो वक़्त करेगा लेकिन इस बड़े अपडेट से इतना तो साफ़ हो गया है कि बतौर दर्शक आईपीएल 2025 में हमें एंटरटेनमेंट के साथ-साथ रोमांच का भी डबल डोज मिलने वाला है.
- Log in to post comments

जानें क्या है प्लेयर रिप्लेसमेंट रूल, जिसके चलते सुर्खियां बटोर रहा है IPL 2025?