दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल्स ने इस भविष्यवाणी से लोगों को हैरत में डाल दिया कि दिल्ली में कमल खिलेगा. एग्जिट पोल्स के जरिये ऐसी घोषणा का होना भर था तमाम राजनीतिक पंडितों ने अपने को दो वर्गों में बांट लिया. एक वर्ग था जिसने इस बात का पुरजोर समर्थन किया कि एग्जिट पोल्स झूठे भी साबित होते हैं. तो वहीं राजनीति के जानकारों की एक लॉबी वो भी थी जो इस बात को लेकर आश्वस्त थी कि दिल्ली बड़े परिवर्तन की साक्षी बनेगी.
अब जबकि मतगणना अपने समापन की ओर है एहसास हो रहा है कि वाक़ई दिल्ली में परिवर्तन की हवा चली है जिसका सीधा फायदा भाजपा को करीब 27 साल बाद मिला है. दिल्ली में भाजपा को मिली प्रचंड जीत के बाद अब सवाल हो रहा है कि आखिर दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन होगा?
इस सिलसिले में यूं तो कई नाम सुर्खियां बटोर रहे हैं. मगर वो नाम जिसने चर्चाओं का बाजार गर्म किया है, वो है दिल्ली के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र मुस्तफाबाद में भगवा लहराने वाले मोहन सिंह बिष्ट.
मोहन सिंह बिष्ट ने आम आदमी पार्टी के अदील अहमद खान, एआईएमआईएम के ताहिर हुसैन और कांग्रेस के अली मेहदी को करारी शिकस्त दी है. मुस्तफाबाद सीट से मोहन सिंह बिष्ट को 85215, आप के अदील अहमद खान को 67637, दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को 33474 और कांग्रेस को 11763 वोट मिले हैं.
ध्यान रहे कि मुस्तफाबाद में मोहन सिंह बिष्ट का जीतना इसलिए भी बड़ी बात है क्योंकि यहां मुस्लिम वोटरों की संख्या करीब 45 फीसदी है. बिष्ट भाजपा के लिए क्यों और कितने जरूरी हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन्हीं की बदौलत भाजपा करावल नगर की सीट भी जीतने में कामयाब हुई है.
इस सीट पर 2020 में मोहन सिंह बिष्ट विधायक थे. 2025 के चुनाव में मोहन सिंह बिष्ट मुस्तफाबाद से चुनाव लड़े और उन्होंने कपिल मिश्रा के लिए करावल नगर सीट छोड़ दी. इसका फायदा यह हुआ कि भाजपा के पास यह दोनों सीट रह गई. मुस्तफाबाद सीट साल 2020 में AAP के हाजी यूनुस के पास थी.
जिक्र मोहन सिंह बिष्ट का हुआ है तो ये बता देना हमारे लिए बहुत जरूरी है कि मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले बिष्ट दिल्ली बीजेपी के उन तेजतर्रार और अनुभवी नेताओं में हैं जो अपने लोगों के बीच खासा प्रभाव रखते हैं.
बिष्ट को दिल्ली की सियासत में मंजा हुआ खिलाड़ी माना जाता है. वो पहली बार 1998 में करावल नगर से विधायक चुने गए थे और 2015 तक इस सीट पर कब्ज़ा जमाए रखा.
बहरहाल अब जबकि बिष्ट ने जीत की परंपरा को पुनः दोहराया है. तो कहा यही जा रहा है कि गृहमंत्री अमित शाह से उनकी करीबी इस बार उन्हें बड़ा फायदा पहुंचा सकती है. हो सकता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के लिए उनका नाम आम सहमति के बाद आगे किया जाए.
ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.
- Log in to post comments

कौन हैं मोहन सिंह बिष्ट? जो इस खासियत के चलते बन सकते हैं दिल्ली में BJP का CM फेस...