Bihar Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव का अघोषित बिगुल बज चुका है. हर दल अपने गुणा-गणित साधने में लगा हुआ है. मुकाबला दलों के बीच नहीं बल्कि BJP नेतृत्व वाले NDA और RJD नेतृत्व वाले I.N.D.I.A ब्लॉक के बीच होना है. ऐसे में दोनों ही गठबंधन एक-दूसरे के खेमे से सहयोगी बढ़ाने की जुगत में भिड़े हुए हैं. ऐसे में चिराग पासवान ने शनिवार को एक ऐसा बयान दिया है, जिससे NDA के खेमे में बहुत बड़ी राहत की सांस महसूस की जा रही है. खासतौर पर इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ज्यादा राहत वाला माना जा रहा है. चिराग पासवान ने भी एक तरीके से नीतीश कुमार को अपना नेता मानने की घोषणा कर दी है. चिराग पासवान से जब ये पूछा गया कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? चिराग ने कहा,'मुख्यमंत्री एनडीए का होगा. हम चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेंगे और हम सभी इसमें उनके साथ हैं.' बिहार के वोट समीकरण को देखा जाए तो चिराग के इस बयान को बेहद अहम माना जा सकता है.
और क्या-क्या कहा है चिराग पासवान ने
चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गठबंधन का नेता बनाए जाने पर मुहर लगा दी है. चिराग ने आज तक से बातचीत में कहा कि एक समय मैं नीतीश की नीतियों के खिलाफ था, लेकिन हमने कई मतभेद भुलाए हैं और अब मैं गठबंधन में पूरे मन से हूं. मेरा सपना बिहार को बहुत आगे लेकर जाने का है. उन्होंने कहा कि हालिया उपचुनाव में भी आपने देखा होगा कि NDA ने 5 की 5 सीटें आसानी से जीती हैं. कुछ सीटें एनडीए ने पहली बार जीती हैं. यह विनिंग कॉम्बिनेशन है और इसी कारण मैं कह रहा हूं कि हम आसानी से चुनाव जीत रहे हैं. केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान ने सीट शेयरिंग पर भी कहा कि साल 2014 से मुझे हमेशा इच्छा के अनुरूप ही सीट मिली है. आगामी चुनाव में भी हमें इच्छा से ज्यादा ही सीटें मिलेंगी.
बिहार में चल रहे पक्ष-विपक्ष के खेल में बेहद अहम है चिराग का रुख
पिछले दिनों लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के खेमे से लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को न्योता देने का आभास देने वाले बयान भी आए हैं, जो पहले भी पाला बदलकर NDA से RJD के खेमे में पलटी मार चुके हैं. हालांकि इस बार नीतीश बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि वे भाजपा के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे, लेकिन अंदरूनी सूत्र NDA में चिराग पासवान (Chirag Paswan) की LJPR की मौजूदगी से नीतीश के सहज नहीं होने का इशारा करते रहे हैं. इसका कारण बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Election 2025) में छिपा हुआ है, जहां NDA से अलग होकर लड़े चिराग पासवान को खुद भले ही बड़ी सफलता नहीं मिली थी, लेकिन उनकी पार्टी नीतीश की JDU के लिए 'वोट कटवा' साबित हुई थी. नतीजतन नीतीश को बहुत सारी सीटों पर नुकसान हुआ था. इस बार भी भाजपा भले ही नीतीश की अगुआई में चुनाव लड़ने की बात कहती रही है, लेकिन अब तक चिराग ने इस मामले में रुख स्पष्ट नहीं किया था. इसी कारण शनिवार को चिराग पासवान ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए जो बयान दिया है, उसे बेहद अहम माना जा रहा है.
ज्यादा सीट नहीं जीतती फिर भी क्यों अहम है चिराग की पार्टी
बिहार में चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) ने साल 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में अकेले दम पर लड़कर महज 1 सीट जीती थी, फिर भी उसकी मौजूदगी NDA के लिए बेहद अहम होती है. पासवान की पार्टी ने उस चुनाव में 6% वोट हासिल किए थे. बिहार में करीब 6% ही पासवान वोट हैं, जो चिराग के दिवंगत पिता रामविलास पासवान (Ramvilas Paswan) के कारण उनकी पार्टी के पक्के समर्थक माने जाते हैं. बिहार का वोट समीकरण देखा जाए तो करीब 16% दलित और महादलित वोट हैं, जिनमें पासवान के 6% वोट हटा दें तो करीब 10% महादलित वोटर हैं. महादलित वर्ग नीतीश कुमार ने परिभाषित किया था. इस कारण इन वोटर्स में JDU की घुसपैठ मानी जाती है, लेकिन इनमें 6% मुसहर वोटर पर जीतनराम मांझी (Jitanram Manjhi) की HAM का कब्जा रहता है. साथ ही चिराग पासवान की पार्टी भी इस वर्ग में घुसपैठ रखती. ऐसे में चिराग यदि NDA के साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो गठबंधन को सीधेतौर पर इन 6% पासवान वोट के मिलने की गारंटी के साथ ही JDU को भी महादलित वोट में भी सेंध नहीं लगने का भरोसा हो जाता है.
विपक्षी दलों के खिलाफ भारी हो जाएगा पलड़ा
पिछले विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों का इंडिया ब्लॉक भले ही NDA गठबंधन को बहुमत हासिल करने से नहीं रोक पाया था, लेकिन इंडिया ब्लॉक को करीब 37% साझा वोट हासिल हुए थे यानी वोट परसंटेज में वह NDA से ज्यादा पीछे नहीं रहा था. इसका एक बड़ा कारण चिराग की पार्टी का अलग रहना भी था. इस बार यदि चिराग की पार्टी NDA के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी तो गठबंधन को 6% वोट की बढ़त का भरोसा रहेगा, जो विपक्षी दलों के मुकाबले उसके लिए बड़ी बढ़त साबित हो सकता है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.
- Log in to post comments

चिराग ने नीतीश को माना अपना नेता! 2020 में जदयू के 'स्पीड ब्रेकर' कैसे बदलेंगे अब चुनावी समीकरण