Delhi Metro Internet Speed: यदि आप दिल्ली मेट्रो में सफर करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. दिल्ली मेट्रो में यदि आपको इंटरनेट स्पीड धीमी होने या मोबाइल नेटवर्क गायब होने से जूझना पड़ता है तो यह समस्या जल्द सुलझने वाली है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शुक्रवार (21 फरवरी) को Beckhaul Digital Technologies Pvt. Ltd.के साथ कॉन्ट्रेक्ट साइन किया है. इस कॉन्ट्रेक्ट के तहत दिल्ली-NCR में सभी मेट्रो रूट्स पर हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क लगाया जाएगा, जिससे इंटरनेट स्पीड जेट स्पीड से दौड़ने लगेगी और मोबाइल कनेक्टिविटी भी जोरदार हो जाएगी. चलिए आपको बताते हैं कि Delhi Metro का पूरा प्लान क्या है और फाइबर ऑप्टिक्स (Fiber Optics) क्या होता है, जिससे यह पूरा काम जोरदार तरीके से होगा.

पहले जानिए क्या है दिल्ली मेट्रो का प्लान
दिल्ली मेट्रो के साथ कॉन्ट्रेक्ट के तहत बेकहॉल डिजिटल उसके पूरे नेटवर्क पर 700 किलोमीटर लंबा फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाएगी. इनमें एयरपोर्ट लाइन समेत दिल्ली-NCR की सभी मेट्रो लाइन पर छह चरणों में यह केबल बिछाया जाएगा, जिसकी शुरुआत पिंक और मजेंटा लाइन से की जाएगी. इसके बाद बाकी लाइनों पर भी अगले छह महीनों में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी.

क्यों किया जा रहा है यह काम?
दिल्ली मेट्रो ने यह काम अपने पैसेंजर्स को सुविधाजनकर सफर देने की प्लानिंग से किया है. साथ ही यह मोदी सरकार की डिजिटल कनेक्टिविटी पॉलिसी के भी तहत है. इससे मेट्रो में दिल्ली के अंदर ही एक से डेढ़ घंटे का सफर करने वाले पैसेंजर इस टाइम का उपयोग भी अपने कामकाज निपटाने के लिए कर पाएंगे. मेट्रो नेटवर्क पर हाई-स्पीड इंटरनेट से टेलीकॉम कंपनियों के साथ ही डेटा सेंटर्स, इंटरनेट प्रोवाइडर्स को भी लाभ होगा. साथ ही दिल्ली-NCR में 5G सर्विसेज का नेटवर्क और ज्यादा मजबूत होगा.

क्या होता है फाइबर ऑप्टिक्स?
ऑप्टिकल फाइबर (What is Optical Fiber in Hindi) डेटा ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास किस्म का तार होता है, जो कांच या प्लास्टिक का बना होता है. इस तार के जरिये डेटा को सिग्नल्स के रूप में प्रकाश की गति यानी तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से एक स्थान से दूसरे स्थान पर बेहद तेजी से ट्रांसफर किया जाता है. यह बेहद लचीली केबल होती है, जिसके चार हिस्से कोर, क्लैडिंग, कोटिंग और बफर होते हैं. ऑप्टिकल फाइबर महज इंसानी बाल जितना मोटा होता है, जिन्हें आपस में गूंथकर फाइबर-ऑप्टिक केबल तैयार की जाती है, जिससे इंटरनेट संचालन संभव बनता है. फाइबर ऑप्टिकल केबल में धातु का उपयोग नहीं होता है. इसके चलते इनमें इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट जैसे नुकसान नहीं होते हैं, जिनसे डेटा ट्रांसमिशन प्रभावित नहीं होता है.

किसने किया था ऑप्टिकल फाइबर का आविष्कार
आपको यह जानकर बेहद गर्व होगा कि दुनिया भर में इंटरनेट क्रांति का आधार बनी ऑप्टिकल फाइबर एक भारतीय ने ईजाद की थी. साल 1952 में नरिंदर सिंह कपानी ने ऑप्टिकल फाइबर का आविष्कार किया था, इसके चलते उन्हें Father of Optical Fiber कहा जाता है. ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग इंटरनेट, टेलीविजन और टेलीफोन आदि में किया जाता है. फाइबर टू द होम (FTTH) या फाइबर टू द प्रीमाइसिस (FTTP) को सबसे तेज फाइबर नेटवर्क माना जाता है, क्योंकि ये 100 फीसदी फाइबर ऑप्टिक कनेक्शन होते हैं. 

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क्या होता है ऑप्टिकल फाइबर, जिससे Delhi Metro में सफर के समय जेट स्पीड से दौड़ेग
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क्या होता है ऑप्टिकल फाइबर, जिससे Delhi Metro में भी जेट स्पीड से दौड़ेगा मोबाइल इंटरनेट

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