डीएनए हिंदी: Russia-Ukraine War का असर अब आम आदमी की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है. भारत सहित पूरी दुनिया में ईंधन के दाम में बढ़ोतरी हुई है जिस वजह से हर चीज के दाम बढ़ गए हैं. UN ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले और आपूर्ति श्रृंखला में व्यापक रूप से व्यवधान पड़ने के चलते अनाज और वनस्पति तेल जैसे खाद्य वस्तुओं की कीमतें पिछले महीने अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं.
संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (AFO) ने कहा कि वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाले मासिक बदलाव से जुड़े खाद्य मूल्य सूचकांक में फरवरी की तुलना में पिछले महीने 12.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
उल्लेखनीय है कि फरवरी का सूचकांक 1990 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर था. AFO ने कहा कि यूक्रेन युद्ध गेहूं, जौ और मक्का सहित अन्य अनाज में 17.1 प्रतिशत की वृद्धि के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है. रूस और यूक्रेन वैश्विक गेहूं और मक्का का क्रमश: 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत निर्यात करते हैं.
AFO के बाजार एवं व्यापार डिविजन के उप निदेशक जोसेफ स्कमीधुबर ने कहा , "खाद्य वस्तुओं की बहुत ऊंची कीमतों को लेकर तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत है."
सर्वाधिक मूल्य वृद्धि वनस्पति तेल की कीमत में हुई है, जिसका सूचकांक 23.2 प्रतिशत बढ़ गया है. ऐसा सूरजमुखी के बीज से बने तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के चलते हुआ है. यूक्रेन सूरजमुखी तेल का विश्व का प्रमुख निर्यातक है. स्कमीधुबर ने जिनेवा में संवाददाताओं से कहा, "आपूर्ति में भी बड़े पैमाने पर व्यवधान पड़ा है और काला सागर क्षेत्र से आपूर्ति में बड़े व्यवधान ने वनस्पति तेल की कीमतें बढ़ा दी हैं."
इनपुट- PTI
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