Syria Violence: सीरिया इस समय एक बड़ी मानवीय त्रासदी से गुजर रहा है. पिछले कई दिनों से वहां पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के समर्थकों और वहां की सत्त में नए विराजमान अल शाम बागियों (HTS) के सुरक्षाबलों के बीच जारी हिंसक झड़प अपने चरम पर जा पहुंचा है. केवल दो दिनों के भीतर ही इस हिंसा में 1000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. इनमं लगभग 750 आम नागरिक शामिल हैं.  इस संघर्ष में अब तक 750 आम नागरिकों, 125 नई सरकार के सुरक्षाबलों और 148 चरमपंथियों की मौत हुई है. मौजूदा हिंसक झड़प पिछले 14 सालों में सीरिया की सबसे बड़ी मानव त्रासदी है. ब्रिटेन स्थित सीरियाई मानवाधिकार पर्यवेक्षक (Syrian Observatory for Human Rights) की ओर से मृतकों को लेकर जानकारी दी गई है.

हिंसक झड़पें और सीरियाई शरणार्थी
सीरिया की नई सरकार की ओर से कहा गया है कि 'उनकी ओर असद के समर्थकों ने जो अटैक किया, उनपर कार्रवाई किया जा रहा है.' उन्होंने इस बड़े स्तर हो रही हिंसा को लेकर अलग-अलग शख्सों के एक्शन को जिम्मेवार ठहराया है. वहीं भीषण हिंसा को देखते हुए सीरिया से लोग पड़ोसी लेबनान और तुर्की जाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं उन देशों में मौजूद सीरियाई शरणार्थियों को वापस सीरिया भेजा जा रहा है. तुर्की और लेबनान ने हजारों सीरियाई लोगों को वापस सीरिया भेज दिया है, तथा यूरोपीय देशों में सीरियाई शरणार्थियों को वापस सीरिया भेजने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

जानें इस जंग का शिया-सुन्नी कनेक्शन
HTS एक सुन्नी कट्टरपंथी ग्रुप है. वहीं असद समर्थक ज्यादातर लोग अलवाइट शिया हैं. पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद खुद भी अलवी यानी अलवाइट हैं. सीरिया में अलवाइट लोगों की आबादी 10 प्रतिशत से अधिक है, वहीं बाकी शियाओं को मिला दिया जाए त ये आबादी करीब  20 प्रतिशत तक हो जाती है. वहीं सुन्नी सीरिया में करीब 80 फिसदी आबादी के साथ बहुसंख्यक हैं. HTS समेत सभी बागियों को ये कभी रास नहीं आया कि सुन्नियों की इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद देश पर दशकों तक अलवाइट शिया रपल करते रहे. वो समय-समय पर विद्रोह करते रहे, लेकिन उनके विद्रोंहों को असद और उनके परिवार ने बुरी तरह से कुचल दिया. सीरिया में हर दशक में हिंसा होती रही, बड़े पैमाने पर नरसंघार होते रहे, लेकिन असद परिवार 70 के दशक से लेकर 2024 तक सत्ता में काबिज रहे. असद के शासन काल में सीकिया के भीतर सभी बड़े और ताकतवर पदों पर अलवाइट शियाओं का ही कब्जा रहा.

2024 से बदल गए सारे सियासी समीकरण
2024 में सीरिया में हुए तख्तापलट के बाद सत्ता सुन्नी बागियों के पास आई, तो उन्होंने अलवाइट शियाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया. ये सारे एक्शन बदले की भावना के तहत किए गए. दूसरी तरफ असद समर्थक हथियारबंध गिरोहों ने भी इस बागियों के ऊपर पलटवार में हमले किए. दोनों गुटों के बीच की ये हिंसक झड़प अब अपने उरूज पर जा पहुंचा है.  

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Syria Violence over 1000 died after two days of clashes and revenge killings between asad supporter and HTS know shia sunni connection of it
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Syria Violence: असद समर्थक और HTS फौज के बीच हिंसा जारी, दो दिनों में 1000 से ज्
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Syria Violence: असद समर्थक और HTS फौज के बीच हिंसा जारी, दो दिनों में 1000 से ज्यादा मौतें, जानें इस जंग का शिया-सुन्नी कनेक्शन

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