प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 और 13 फरवरी को अमेरिका दौरे पर जाने वाले हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल शुरू होने के बाद ये दोनों नेताओं की पहली मुलाकात होगी. पीएम मोदी के इस दौरे का एजेंडा भारत-अमेरिका के बीच रिश्ते को मजबूत बनाना है साथ ही सभी क्षेत्रों में लाभकारी और भरोसेमंद संबंध तय करना शामिल है.
पीएम मोदी का अमेरिका दौरा
इस दौरे के एजेंडा में व्यापार या ट्रंप द्वारा निष्पक्ष व्यापार, अवैध प्रवास और वीजा देरी की आवश्यकता को लेकर मतभेद भी शामिल हैं. भारत हाल ही में शुरू की गई iCET और IMEEC जैसी ऐतिहासिक पहलों को आगे बढ़ाने में ट्रंप का सहयोग चाहेगा, जिन्हें बाइडेन प्रशासन के तहत लॉन्च किया गया है.
भारत-अमेरिका संबंध
भारत और अमेरिका ने 2005 में एक 'रणनीतिक साझेदारी' की शुरूआत की थी. फरवरी 2020 में ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों को व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया गया. पहले ट्रंप प्रशासन के दौरान, इंडो-पैसिफिक रीजन ने अमेरिकी विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र के रूप में महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया.
ये हो सकता है एजेंडा-
ट्रैरिफ नीति
अपनी टैरिफ नीति के लिए ट्रंप फिलहाल चर्चों में हैं. ट्रंप ने चीन और ब्राजील के साथ भारत के लिए भीकहा था कि जो देश अमेरिकी वस्तुओं पर ज्यादा टैरिफ लगाते हैं, उनके खिलाफ अमेरिका भी टैरिफ लगाएगा. इन सबके बीच पीएम मोदी अमेरिका की यात्रा पर जाते हैं तो भारत को लेकर टैरिफ के मामले पर ट्रंप अपना फैसला बदल सकते हैं.
डिफेंस सेक्टर
भारत ने अपने डिफेंस को मजबूत करने के लिए हाल ही के वर्षों में अमेरिका से कई ताकतवर रक्षा उपकरण खरीदे हैं. शीर्ष वार्ता तंत्र 2 + 2 मंत्रिस्तरीय वार्ता है. यह राजनीतिक, सैन्य और रणनीतिक मुद्दों पर मार्गदर्शन प्रदान करता है. ये भारत अमेरिका के लिए सबसे बड़े सैन्य अभ्यास भागीदारों में से एक है.
व्यापार
अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ता भी काफी मजबूत है. अमेरिका भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है, जिसका 2023 में वस्तुओं और सेवाओं में कुल द्विपक्षीय व्यापार 190 बिलियन डॉलर रहा. वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, अमेरिका लगभग 5 बिलियन डॉलर के फ्लो के साथ भारत में FDI का तीसरा सबसे बड़ा सोर्स था.
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एनर्जी
अमेरिका भारत का छठा सबसे बड़ा एनर्जी ट्रेड पार्टनर है. भारत और अमेरिका दोनों देशों का मिलकर काम करना तकनीक को आगे बढ़ाने में फायदेमंद हो सकता है. वित्त वर्ष 2023-24 में अमेरिका के साथ भारत का हाइड्रोकार्बन व्यापार 13.6 बिलियन डॉलर था. पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा इस क्षेत्र में भी भारत को लाभ दिला सकती है.
एजुकेशन
हायर एजुकेशन के लिए भारतीय छात्रों की पहली पसंद अमेरिका है. इसी के साथ साइंस एंड टेक्नोलॉजी सहयोग समझौते को सितंबर 2019 में 10 वर्षों के लिए रिन्यू किया गया था. जनवरी 2024 में, नासा और इसरो ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक संयुक्त प्रयास शुरू करने के लिए एक संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए और इसरो ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक्सिओम-4 मिशन पर दो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को नामित किया है, जिन्हें वर्तमान में अमेरिका में प्रशिक्षित किया जा रहा है.भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण और उभरती टेक्नोलॉजी में मजबूत सहयोग है.
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Explainer: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा क्यों है खास, 6 प्वाइंट्स में समझें पूरा एजेंडा