India-Bangladesh Relation: बांग्लादेश (Bangladesh) की मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने एक और विवादास्पद कदम उठाते हुए गुरुवार को पूर्व गृह राज्य मंत्री लुत्फोज्जमां बाबर को जेल से रिहा कर दिया. बाबर पर 2004 में चटगांव के रास्ते भारत के पूर्वोत्तर में हथियार तस्करी के गंभीर आरोप थे. इसके अलावा, वह 2004 में शेख हसीना पर हुए ग्रेनेड हमले का मुख्य दोषी था. 

2007 में गिरफ्तार हुए बाबर को दस ट्रक हथियार तस्करी और शेख हसीना पर हमले के मामलों में मौत की सजा और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. लेकिन अगस्त 2024 में यूनुस सरकार के गठन के बाद से बाबर को कई मामलों में बरी करने की प्रक्रिया शुरू हुई. हाल ही में हाई कोर्ट ने बाबर और छह अन्य को हथियार तस्करी के एक मामले में बरी कर दिया, जिससे गुरुवार को उसकी 17 साल बाद रिहाई संभव हुई.

भारत के लिए गंभीर संकेत
2004 में असम में उग्रवादी संगठन उल्फा को हथियार सप्लाई करने के लिए बाबर ने दस ट्रकों के जरिए तस्करी की कोशिश की थी, जिसे नाकाम कर दिया गया. विशेषज्ञों का मानना है कि बाबर की रिहाई से पूर्वोत्तर भारत में उग्रवाद को बढ़ावा देने वाली ताकतों को नई ताकत मिल सकती है. 


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राजनीतिक दलों से यूनुस की अपील
बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच, यूनुस ने गुरुवार को सभी राजनीतिक दलों से एकजुटता की अपील की और देश को आगे ले जाने के लिए समर्थन मांगा. बहरहाल, यूनुस सरकार का ये फैसला से कट्टरपंथियों को और बढ़ावा मिलने की संभावना है.

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bangladesh yunus government action of free accused of smuggling arms into India support for radical elements affecting india bangladesh bilateral relation
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बांगलादेश में एक बार फिर कट्टरपंथ को बढ़ावा, भारत में हथियार तस्करी और उग्रवाद
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बांगलादेश में एक बार फिर कट्टरपंथ को बढ़ावा, भारत में हथियार तस्करी और उग्रवाद के दोषी बाबर रिहा, यूनुस सरकार पर उठे सवाल
 

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