अब तक के सबसे बड़े विमानन रहस्यों में से एक, मलेशियाई एयरलाइंस की फ्लाइट MH370 जो करीब एक दशक पहले लापता हो गई थी, उसे लेकर एक बहुत बड़ी खबर आई है.  कहा जा रहा है कि इसकी तलाश फिर से शुरू होने वाली है. ज्ञात हो कि 8 मार्च 2014 को कुआलालंपुर से बीजिंग जाते समय बोइंग 777 विमान में 239 लोग सवार थे.सैटेलाइट डेटा विश्लेषण के आधार पर, ऐसा माना जाता है कि विमान संभवतः पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के तट से दूर दक्षिणी हिंद महासागर में कहीं दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, लेकिन दो प्रमुख खोजों के बावजूद इसे लेकर कोई महत्वपूर्ण निष्कर्ष अभी तक नहीं मिल पाया है.

कहा जा रहा हैं कि दिसंबर में मलेशिया ने खोज फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी. जिसके बाद अब खोज कंपनी ओशन इन्फिनिटी को इस खोज क्षेत्र में तैनात किया गया है. मलेशिया ने अभी तक मलबे के लिए समुद्र तल की खोज के अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए इस बात पर कुछ अनिश्चितता है कि खोज अभी शुरू हुई है या नहीं.

मलेशिया के परिवहन मंत्री एंथनी लोके ने अपने जहाजों को तैनात करने के लिए कंपनी की 'सक्रियता' का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि,'चूंकि ओशन इन्फिनिटी ने पहले ही अपने जहाजों को जुटाना शुरू कर दिया है, इसलिए निश्चित रूप से हम इसका स्वागत करते हैं क्योंकि हमने खोज को फिर से शुरू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और अब केवल अनुबंध को अंतिम रूप देने की आवश्यकता है.'

लेकिन उन्होंने कहा कि यह खोज, जो आखिरी बार 2018 में रुकी थी, अब पूरी तरह से बंद नहीं होगी.

फ्लाइट कैसे गायब हुई आज भी बना हुआ है रहस्य

बताया जाता है कि कुआलालंपुर से उड़ान भरने के लगभग 40 मिनट बाद फ्लाइट MH370से संपर्क टूट गया था. कहा जाता है कि विमान के वियतनामी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही कैप्टन ज़हारी अहमद शाह ने 'गुड नाइट, मलेशियाई तीन सात शून्य' कहकर विमान को विदा किया था.

इसके तुरंत बाद, इसका ट्रांसपोंडर बंद कर दिया गया, जिससे इसे ट्रैक करना और भी मुश्किल हो गया था.   तब सैन्य रडार ने दिखाया कि विमान अपने उड़ान पथ से हटकर उत्तरी मलेशिया और पेनांग द्वीप के ऊपर से वापस इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप की ओर आ रहा है. इसके बाद विमान दक्षिण दिशा की तरफ मुड़ गया और सभी संपर्क टूट गए.

मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और चीन ने 120,000 वर्ग किलोमीटर (46,332 वर्ग मील) में पानी के भीतर खोज शुरू की, जिसकी लागत 143 मिलियन डॉलर (£113 मिलियन) थी, लेकिन विमान का कोई निशान नहीं मिला.

विमान के किसी भी बड़े टुकड़े या महत्वपूर्ण ब्लैक बॉक्स डिवाइस के न मिलने के बावजूद, संदिग्ध विमान के मलबे के कुछ टुकड़े अफ्रीका के तट और हिंद महासागर के द्वीपों पर एकत्र किए गए हैं. केवल पंख के तीन टुकड़े ऐसे प्राप्त हुए, जिन्होंने विमान के MH370 होने की पुष्टि की. 

जहाज का मलबा मिलता है या नहीं इसका फैसला तो वक़्त करेगा लेकिन वो तमाम लोग जिनके परिजन इस विमान में सवार थे कि यही वो वक़्त है जब इस जहाज की गुमशुदगी को लेकर रहस्यों से पर्दा हटेगा.   

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Malaysia Airlines Flight MH370 is one of the greatest aviation mysteries Hunt to resume vanished plane after decade
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10 साल पहले लापता हुआ था एमएच370, आखिर अब इसे क्यों ढूंढ रहा है मलेशिया?
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गायब हुए एक मलेशियाई विमान की तलाश फिर से शुरू की गई है
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10 साल पहले लापता हुआ था विमान एमएच 370, इसे अब ढूंढकर क्या साबित करेगा मलेशिया?

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10 साल पहले लापता हुआ था एमएच370, आखिर अब इसे क्यों ढूंढ रहा है मलेशिया?