महाभारत के अनुसार, पांडव वनवास में थे और उन्हें पीने के पानी की आवश्यकता थी. उस समय वह युधिष्ठिर को पानी लाने के लिए भेजता है. जैसे ही नकुल पास के तालाब से पानी लेने लगे, आकाशवाणी हुई, "पानी पीने से पहले तुम्हें मेरे प्रश्नों का उत्तर देना होगा." नकुल ने इस आवाज को अनसुना कर दिया और पानी पी लिया.
नकुल की तुरन्त ही मौके पर ही मृत्यु हो जाती है. नकुल की तरह भीम और अर्जुन भी उस पानी को पीकर मर जाते हैं. जब युधिष्ठिर उन सबको भगाते हुए तालाब के पास पहुंचे तो उन्होंने भी वैसी ही अदृश्य आवाज सुनी. तब युधिष्ठिर पूछते हैं कि आप कौन हैं? तभी वह आवाज कहती है, "मैं एक यक्ष हूं." परिचय देने के बाद युधिष्ठिर ने यक्ष से एक प्रश्न पूछने को कहा.
1. यक्ष का पहला प्रश्न:
युधिष्ठिर, मेरा पहला प्रश्न है: पृथ्वी से भारी क्या है? क्या आकाश से भी ऊंचा कुछ है? हवा से भी तेज चलने वाली चीज़ क्या है? सितारों से बड़ा क्या है? वह पूछता है.
युधिष्ठिर का उत्तर :
युधिष्ठिर मुस्कुराये और बोले, "यक्ष ...माता तो पृथ्वी से भी भारी है." पिता आकाश से भी ऊँचा है. मन हवा से भी तेज चलता है. उन्होंने जवाब दिया कि सितारों से भी बड़ी चीज़ क्या है, यह मनुष्य की चिंता है.
2. यक्ष का दूसरा प्रश्न:
विदेश जाने वाले का मित्र कौन होता है? घर पर उस व्यक्ति का दोस्त कौन है? मरीज का मित्र कौन है? जो व्यक्ति मृत्यु के करीब है उसका मित्र कौन है?
युधिष्ठिर का उत्तर:
विदेश जाने वाले व्यक्ति के मित्र वे होते हैं जो उसके साथ यात्रा करते हैं. जीवन साथी घर पर सबसे अच्छा दोस्त होता है. डॉक्टर मरीज का मित्र है. दान उस व्यक्ति का मित्र है जो मृत्यु के करीब है.
3. यक्ष का तीसरा प्रश्न:
युधिष्ठिर, मेरा तीसरा प्रश्न यह है कि संसार किससे घिरा हुआ है? कौन अकेला घूमता है? एक बार जन्म लेने के बाद दुबारा जन्म कौन लेता है?
युधिष्ठिर का उत्तर:
संसार अज्ञान से घिरा हुआ है. सूर्य वह है जो अकेला घूमता है. केवल चंद्रमा और सूर्य ही बार-बार जन्म लेते हैं.
4. यक्ष का चौथा प्रश्न:
कौन सो जाने के बाद भी अपनी आँखें बंद नहीं करता? जन्म के बाद कौन हिलता-डुलता नहीं है? किसके पास दिल नहीं है? कौन अधिक तेज चलता है?
युधिष्ठिर का उत्तर:
मछली भी जब सोती है तो अपनी आँखें खुली रखकर सोती है. जन्म के बाद भी अण्डों में कोई हलचल नहीं होती. पत्थरों में दिल नहीं होता. मन तेजी से चलता है.
यक्ष यह देखकर प्रसन्न हुआ कि युधिष्ठिर ने उसके सभी प्रश्नों का धैर्यपूर्वक उत्तर दिया. और उन्होंने कहा कि तुम युधिष्ठिर से अपना मनचाहा वरदान मांग लो. तब युधिष्ठिर ने मुझसे कहा कि मैं अपने सभी मृत भाइयों को जीवित कर दूं. युधिष्ठिर के आदेश पर यक्ष ने भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव को पुनः जीवित कर दिया.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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यक्ष ने युधिष्ठिर से क्या प्रश्न पूछे थे?
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