ज्योतिष में ग्रहण की घटना को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. जबकि वैज्ञानिक भाषा में इसे खगोलीय घटना कहा जाता है. मार्च माह में 15 दिनों के अंदर सूर्य और चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं. धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है. यही कारण है कि हिंदू धर्म में ग्रहण के दौरान सूतक के नियमों का पालन किया जाता है और कई तरह के कार्यों की मनाही होती है. साल का पहला चंद्रग्रहण 14 मार्च को होली के दिन लगेगा. जबकि इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को लगेगा. इस रिपोर्ट में आइए विस्तार से समझते हैं कि 15 दिनों में दो ग्रहणों का भारत और दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
पहला चंद्रग्रहण 14 मार्च को लगेगा. ग्रहण 14 मार्च को प्रातः 9:29 बजे प्रारम्भ होगा तथा अपराह्न 3:29 बजे समाप्त होगा. क्योंकि चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दिन पर घटित होगा, इसलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा और न ही इसका सूतक लगेगा. यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका, पूर्वी एशिया और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों में दिखाई देगा.
साल के पहले सूर्य ग्रहण की बात करें तो साल का पहला सूर्य ग्रहण भी 29 मार्च को ही लगेगा. अर्थात् पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण वर्ष 2025 में 15 दिन के अंतराल पर घटित होगा. सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या के दिन शनिवार, 29 मार्च को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:16 बजे समाप्त होगा. यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, एशिया और हिंद महासागर में दिखाई देगा. यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा. वर्ष 2025 का पहला चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों ही भारत में दिखाई नहीं देंगे और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण
मार्च में 15 दिन में लगेंगे 2 ग्रहण, भारत और दुनिया पर क्या होगा असर? जानिए क्या होगा ज्योतिष प्रभाव