फाल्गुन पूर्णिमा सबसे पवित्र दिनों में से एक है जो वसंत ऋतु के आरंभ और शीत ऋतु के अंत का प्रतीक है. फाल्गुन पूर्णिमा को वसंत पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. रंगों का त्योहार होली इस शुभ दिन पर मनाया जाता है. पूर्णिमा के दिन भक्त सत्यनारायण रूप में भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए उपवास भी रखते हैं. इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा शुक्रवार, 14 मार्च को मनाई जाएगी. फाल्गुन पूर्णिमा या वसंत पूर्णिमा के बारे में कुछ जानकारी यहां दी गई है.
फाल्गुन पूर्णिमा एक शुभ समय
- फाल्गुन पूर्णिमा 2025 तिथि: फाल्गुन पूर्णिमा 2025 शुक्रवार, 14 मार्च को मनाई जाएगी.
- पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ: 13 मार्च 2025 को प्रातः 10:35 बजे से
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 14 मार्च 2025 को शुक्रवार दोपहर 12:23 बजे तक
फाल्गुन पूर्णिमा पूजा विधि
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पूरे विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण की पूजा करने की परंपरा है. इस दिन भगवान विष्णु को पीले फल, फूल और वस्त्र तथा देवी लक्ष्मी को गुलाबी या लाल फूल और सौंदर्य प्रसाधन अर्पित करने का नियम है. वहीं फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा पढ़ना या सुनना पुण्य कर्म माना जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा तिथि पर ब्रह्म मुहूर्त में नदी स्नान का विशेष महत्व है. वहीं, अगर आप नदी में स्नान करने में असमर्थ हैं तो घर पर भी नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इस दिन फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत रखने और लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से घर में सुख, धन और समृद्धि बढ़ती है.
फाल्गुन पूर्णिमा पर किस देवता की पूजा करनी चाहिए?
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण स्वामी की कथा सुनने और पढ़ने से आपको समृद्धि, खुशी और अच्छे स्वास्थ्य का वरदान मिलेगा. जो लोग इस दिन शिव और पार्वती की पूजा करते हैं उनका वैवाहिक जीवन सार्थक होता है.फाल्गुन पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद, गरीब या निराश्रितों को कपड़े और आवश्यक वस्तुएं दान करने से पुण्य मिलता है.
फाल्गुन पूर्णिमा मंत्र
ओम नमो भगवते वासुदेवाय
हरे राम हरे राम
राम राम हरे हरे
हरे कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे हरे
ओम श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः
फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व
होली त्यौहार के दिन के अलावा, फाल्गुन पूर्णिमा हिंदू परंपरा में आध्यात्मिक महत्व भी रखती है. इसे धन और समृद्धि की देवी देवी लक्ष्मी और श्रद्धेय वैष्णव संत एवं भक्ति योग के समर्थक संत चैतन्य महाप्रभु का जन्मदिन माना जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा विशेष अनुष्ठान, आध्यात्मिक चिंतन और दिव्य आशीर्वाद का दिन है. फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण पूजा करने की भी परंपरा है .
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. डीएनए हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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