एक ऐसा कैंसर है जो पुरुषों में दूसरा सबसे आम कैंसर माना गया है, जो विश्व भर में नए कैंसर मामलों का लगभग 14.2% है. यह कैंसर पुरुष जननांगों में शुरू होता है और समय के साथ शरीर के अन्य भागों में फैलने लगता है. ऐसी स्थिति में किसी की जान बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है. इसलिए, पुरुषों के लिए प्रोस्टेट से संबंधित सामान्य लक्षण और संकेतों को जानना बहुत जरूरी है.
हम बात प्रोस्टेट कैंसर की कर रहे हैं. यद्यपि 60 वर्ष की आयु के बाद इस रोग का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन खराब जीवनशैली के कारण युवा पुरुष भी इससे पीड़ित हो रहे हैं.प्रोस्टेट कैंसर के उपचार की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि रोग का पता कितनी जल्दी लगाया जाता है.
कब होता है प्रोस्टेट कैंसर
प्रोस्टेट कैंसर तब होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि में कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं. यह असामान्य वृद्धि एक ट्यूमर का रूप ले लेती है. प्रोस्टेट कैंसर के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि आनुवंशिकी, पर्यावरण, और जीवनशैली.
प्रोस्टेट कैंसर के कारण:
- प्रोस्टेट कैंसर का पारिवारिक इतिहास होना
- धूम्रपान करना
- मोटापा
- टेस्टोस्टेरोन थेरेपी
- वसा युक्त आहार लेना
- बहुत ज़्यादा कैल्शियम का सेवन करना
लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए
1-रात में बार-बार पेशाब करने के लिए उठना (नॉक्टुरिया) या दिन में बार-बार बाथरूम जाना प्रोस्टेट समस्या का संकेत हो सकता है. ये लक्षण बढ़े हुए प्रोस्टेट या आघात के कारण हो सकते हैं.
2-प्रोस्टेट ग्रंथि के कारण मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ने से मूत्र की धारा कमजोर या रुक-रुक कर आ सकती है. यह लक्षण प्रोस्टेट कैंसर के कारण हो सकता है और कभी-कभी कैथेटर की आवश्यकता पड़ सकती है.
3-मूत्र में रक्त (हेमट्यूरिया) या वीर्य में रक्त (हेमेटोस्पर्मिया) एक गंभीर लक्षण है, जिसकी तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. यह प्रोस्टेट में किसी समस्या का संकेत हो सकता है, जो कैंसर में बदल सकता है.
4-पेट या पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द, पेशाब के दौरान दर्द (डिसुरिया), या स्खलन के दौरान असुविधा प्रोस्टेट समस्या के लक्षण हो सकते हैं.
5- कभी-कभी लिंग में तनाव की समस्या प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी हो सकती है. ऐसा अन्य कारणों से भी हो सकता है, लेकिन अगर इस लक्षण के साथ अन्य समस्याएं भी हों तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें.
6-यदि आपकी पीठ, कमर या पैल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द रहता है, तो यह संकेत हो सकता है कि कैंसर हड्डियों तक फैल गया है. ऐसा अक्सर कैंसर के अंतिम चरण में होता है.
7-प्रोस्टेट विशिष्ट प्रतिजन (पीएसए) रक्त में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है. यदि पीएसए का स्तर बढ़ा हुआ पाया जाता है, तो यह प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकता है. इसके बाद, डॉक्टर आगे की जांच जैसे एमआरआई या क्लिनिकल परीक्षण करते हैं.
यदि इन लक्षणों की समय पर पहचान कर उपचार किया जाए तो प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में सफलता दर काफी बढ़ जाती है. इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत मूत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें. प्रोस्टेट कैंसर का उपचार जितनी जल्दी शुरू होगा, सफलता की संभावना उतनी ही अधिक होगी.
Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर्स से संपर्क करें.)
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प्रोस्टेट कैंसर
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