पानी में बहुत सारी कठोर धातुएं और अशुद्धियां होती हैं. जो शरीर में प्रवेश करने के बाद आपको बीमार कर सकता है. इससे पेट में संक्रमण, उल्टी, पेट दर्द आदि समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए, पानी को शुद्ध किया जाता है और उसमें क्लोरीन मिलाया जाता है. इसका उपयोग बैक्टीरिया, वायरस और कीटाणुओं को मारने के लिए किया जाता है.
लेकिन एक रिपोर्ट में इसके इस्तेमाल से होने वाले कुछ दुष्प्रभावों और गंभीर समस्याओं का खुलासा हुआ है. डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अध्ययन में पाया गया है कि अमेरिका के सभी 50 राज्यों में पीने के पानी में पाया जाने वाला एक सामान्य रसायन कैंसर के बढ़ते खतरे से जुड़ा है. नल के पानी में वर्षों से क्लोरीन मिलाया जाता रहा है. लेकिन जब यह कुछ चीजों के साथ मिलता है तो कैंसर पैदा करने वाले रसायन पैदा करता है.
रिपोर्ट में पाया गया कि पानी में बनने वाला यह रसायन ल्यूकेमिया के खतरे को 33 प्रतिशत और कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को 15 प्रतिशत तक बढ़ा देता है. इतना ही नहीं, इसे कुल 14 कैंसरों से जोड़ा गया है.
जब क्लोरीन जल में कच्चे कार्बनिक पदार्थ के संपर्क में आता है, तो ट्राइहैलोमेथेन (THMs) रसायन बनते हैं. चूहों में यह डीएनए को क्षति पहुंचाकर कैंसर का कारण बनता पाया गया है.
राज्य सरकार के अनुसार, जल में टीएचएम का सुरक्षित स्तर 80 पीपीबी है. लेकिन पर्यावरण कार्य समूह के एक अध्ययन के अनुसार, उच्चतम सुरक्षित स्तर 0.15 पीपीबी है. इसलिए, हर किसी को इसका नुकसान झेलने का खतरा है.
टीएचएम केवल उपभोग के माध्यम से शरीर में प्रवेश नहीं करते. रिपोर्टों के अनुसार, यह पानी से वाष्पित होकर सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है. इसलिए, पानी में तैरना, नहाना और यहां तक कि बर्तन धोना भी जोखिम भरा है.
डेली मेल के अनुसार, सक्रिय कार्बन और रिवर्स ऑस्मोसिस से पानी से THMs को हटाया जा सकता है.
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chlorine side effects
क्लोरीन वाला पानी भी बन सकता है कैंसर की वजह, स्वीमिंग और बर्तन धोना भी खतरनाक बता रही ये स्टडी