IMD Weather Forecast: दिसंबर की सर्दी में भी इस बार अप्रैल-मई की गर्मी जैसा अहसास आप लोगों को याद होगा. कड़ाके की सर्दी लाने वाला 40 दिन का चिल्ला भी महज 1-2 सप्ताह में ही सिमटकर रह गया. सर्दी में गर्मी के इस सितम ने लोगों को यह ट्रेलर तो दिखा दिया था कि गर्मी का असली सीजन कैसा होने वाला है. अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जो पूर्वानुमान जताया है, वो डराने वाला है. IMD ने मार्च से मई के दौरान गर्मी के सीजन में सामान्य से ज्यादा तापमान रहने का अनुमान लगाया है यानी गर्मी इस बार चिपचिपाने नहीं झुलसाने वाली है. IMD ने आशंका जताई है कि इस दौरान हीटवेव (Heat Wave 2025) का जबरदस्त कहर देखने को मिल सकता है. हालांकि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में गर्मी की इस भीषण लहर से राहत मिल सकती है, जहां सामान्य से कम तापमान रहने के आसार हैं.
सामान्य से ज्यादा दिन चलेगी हीटवेव
IMD ने शुक्रवार (28 फरवरी) को मार्च से मई के दौरान मासिक बारिश और तापमान की आउटलुक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में हीटवेव को लेकर भी अनुमान जताया गया है. IMD का अनुमान है कि इस बार मार्च से मई के बीच लू यानी हीटवेव की लहर सामान्य से ज्यादा दिन तक देखने को मिल सकती है. इसका मतलब है कि यदि हर साल इन महीनों में 30 में से 15 दिन हीटवेव चलती थी तो इस बार ये दिन 20 या उससे ज्यादा हो सकते हैं. IMD ने इस आउटलुक का जो मैप जारी किया है, उसमें भारत का पूरा मध्य भाग हीटवेव के कारण लाल होता दिखाया गया है. हालांकि इसमें IMD का अनुमान है कि पूर्वोत्तर भारत (असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड), सुदूर उत्तर भारत (जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्से) और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से (केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु) में राहत मिलने के आसार हैं यानी इस दौरान इन इलाकों में हीटवेव नहीं चलेगी.
सामान्य से ज्यादा रहेगा तापमान
IMD का अनुमान है कि देश के अधिकतर भागों में मार्च से मई के दौरान महीने का अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा. मार्च के महीने में पूरे देश में औसत वर्षा LPA का 83 से 117% रहने की संभावना है. इस दौरान प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों और मध्य भारत के दक्षिण से सटे इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के आसार हैं, लेकिन बाकी हिस्सों में बारिश का असर सामान्य से कम ही रहेगा.
हीटवेव में बच्चों-बुजुर्गों का रखें ध्यान
इन इलाकों में घर से बाहर निकलने पर झुलसने की आशंका रहेगी. इसके चलते लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी होगी. गर्मी का यह असर लगातार बना रहेगा. हीटवेव का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहसे स्वास्थ्य परेशानियों से जूझ रहे लोगों पर ज्यादा होता है. ऐसे में इस दौरान उनका ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है.
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