Waqf Bill 2024: संसद में लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन बिल 2024 (Waqf Amendment Bill 2024) को मंजूरी मिल गई है. दोनों सदनों में इसे लेकर आधी रात तक बहस चलने के बाद वोट के गणित में केंद्र सरकार भारी पड़ी है. हालांकि कांग्रेस के सांसद मोहम्मद जावेद ने संसद में इस बिल को मंजूरी दिए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, लेकिन फिलहाल यह माना जा रहा है कि अब इस बिल का कानून में तब्दील होना तय है, जिसे लेकर मुस्लिमों के एक तबके में नाराजगी का माहौल है. खासतौर पर केरल के मुस्लिमों ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है. एक मुस्लिम संगठन द्वारा चलाए जा रहे मलयालम भाषा के अखबार दैनिक सुप्रभातम (Malayalam daily Suprabhaatham) में तो वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और उनके भाई व इस सीट से पूर्व सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को जमकर खरी-खरी सुनाई है. साथ ही दोनों से एक ज्वलंत सवाल भी पूछा है.
प्रियंका के वोटिंग से गायब रहने पर उठाए सवाल
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मलयालम अखबार ने शुक्रवार को प्रियंका गांधी की आलोचना अपने संपादकीय में की. संपादकीय में वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी के लोकसभा में वक्फ बिल पर बहस के दौरान गायब रहने को लेकर सवाल उठाए गए हैं. साथ ही उनकी और अनुपस्थित रहे अन्य प्रभावशाली कांग्रेस नेताओं की आलोचना की गई है. अखबार ने लिखा,'देश बड़ी उम्मीदों के साथ वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी को देखता है. पार्टी व्हिप के बावजूद वे संसद नहीं आईं. विधेयक पर बहस के दौरान वे कहां थीं, यह सवाल हमेशा बना रहेगा और यह एक धब्बा बनकर रह जाएगा.' अखबार ने वक्फ बिल को संघ (RSS) परिवार द्वारा बाबरी (मस्जिद) विध्वंस मुसलमानों और देश की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ सबसे बड़ा हमला बताया है.
राहुल गांधी से भी पूछा- क्यों नहीं बोले बिल के खिलाफ
अखबार ने वायनाड के पूर्व सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है. अखबार ने संपादकीय में राहुल पर बिल के खिलाफ नहीं बोलने का आरोप लगाया. अखबार ने लिखा,'देश की एकता तोड़ने वाले बिल पर राहुल गांधी की चुप्पी का सवाल हमेशा बना रहेगा. राहुल गांधी ने इस बिल के खिलाफ क्यों नहीं बोला?' हालांकि अखबार ने वक्फ बिल के खिलाफ बहस करने के लिए विपक्षी नेताओं को सराहा है. अखबार ने लिखा,'आधी रात के बाद तक संसद में वक्फ बिल के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ने और विरोध में मतदान करने के लिए विपक्षी नेताओं का धन्यवाद.'
अखबार का संपादकीय केरल के मुस्लिम समुदाय की आवाज?
अखबार के इस संपादकीय को केरल के मुस्लिम समुदाय के दिल की आवाज बताया जा रहा है. इस अखबार का मालिकाना हक एक मुस्लिम संगठन के पास ही है. प्रियंका गांधी के निर्वाचन क्षेत्र वायनाड में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटर्स हैं, जिनका समर्थन उन्हें जीत के लिए मिला था. ऐसे में उन्हें अपनी सांसद से इस बिल का विरोध करने की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन प्रियंका गांधी के बिल पर बहस के दौरान गायब रहने से मुस्लिम समुदाय में बेहद नाराजगी मानी जा रही है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.
- Log in to post comments

वक्फ बिल संसद में पास हुआ, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर क्यों भड़क उठा केरल का मीडिया