Tamil Nadu Tilak Kalawa Row: तमिलनाडु में भाषा को लेकर चल रहा विवाद अभी ठंडा भी नहीं हुआ है. इससे पहले ही एक और विवाद सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के कारण खड़ा हो गया है. डीएमके के वरिष्ठ नेता व सांसद ए. राजा ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को माथे पर तिलक और हाथ में कलावा नहीं बांधने के लिए कहा है. खुलेआम पार्टी कार्यक्रम में मंच से उन्होंने यह बात कही है. राजा ने कहा है कि यदि कार्यकर्ता ऐसा करेंगे तो पार्टी दिवंगत जयललिता की अन्नाद्रमुक (AIDMK) की तरह बर्बादी की तरफ बढ़ जाएगी. राजा के इस बयान के बाद राज्य का सियासी पारा एक बार फिर गर्मा गया है. राजा के इस बयान को अन्नाद्रमुक और BJP ने मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. भाजपा नेताओं ने इस बयान को हिंदूविरोधी करार दिया है. ए. राजा पहले भी विवादित बयानबाजी कर चुके हैं, जब उन्होंने सनातन धर्म की तुलना HIV-AIDS जैसी बीमारी से कर दी थी, तो बड़ा विवाद खड़ा हो गया था.
'तिलक-कलावा से बिगड़ती है विचारधारा'
चेन्नई में डीएमके के एक कार्यक्रम में ए. राजा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते समय यह बात कही है. राजा ने कहा,'पार्टी की धोती पहनकर आप माथे पर कुमकुम तिलक नहीं लगाएं और हाथ में कलावा नहीं बांधे. ऐसा करने से पार्टी की विचारधारा बिगड़ेगी और उसका हाल भी अन्नाद्रमुक जैसा हो जाएगा, जो बर्बादी की तरफ बढ़ रही है.' राजा ने आगे कहा,'पार्टी संस्थापक सी. अन्नादुरई ने गरीबों की मुस्कान में ईश्वर के दर्शन करने को कहा था. मैं भगवान में आस्था के खिलाफ नहीं हूं बल्कि पार्टी विचारधारा बचाए रखने के पक्ष में हूं. यदि माता-पिता माथे पर विभूति लगाते हैं तो इसे लगाना चाहिए, लेकिन कम से कम छात्र शाखा के कार्यकर्ताओं को तो पोट्टू हटा देना चाहिए.' ए. राजा डीएमके के उप महासचिव भी हैं. उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पहले भी बताया था तिलक-कलावा को RSS की छाप
राजा ने कुछ दिन पहले भी तिलक-कलावा के खिलाफ बातें की थीं. उन्होंने नीलगिरि जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में तब इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जोड़ा था. राजा ने कहा था कि पोट्टू (कुमकुम) लगाने और कैरू (कलावा) बांधने पर आप में और संघी (आरएसएस के लोग) में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वे भी ऐसा करते हैं.
डीएमके ने राजा के बयान से नाता तोड़ा
राजा के बयान पर हंगामा खड़ा होने पर उनकी पार्टी ने ही साथ छोड़ दिया है. डीएमके नेता और हिंदू धार्मिक व धर्मार्थ निधि मंत्री पीके शेखऱ बाबू ने इसे राजा के निजी विचार बताया है. खुद भी हमेशा कुमकुम तिलक लगाने वाले शेखर ने कहा कि हमारे पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने ऐसा कुछ नहीं कहा है और ये राजा के निजी विचार हो सकते हैं.
भाजपा ने उठाए राजा के बयान पर सवाल
तमिलनाडु में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने राजा के बयान पर सवाल उठाया है और इसे धार्मिक आस्थाओं के खिलाफ बताया है. भाजपा ने कहा कि डीएमके धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाना कब बंद करेगी. राजा लगातार हिंदू धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहे हैं और अब इससे भी एक कदम आगे बढ़ गए हैं.
(Input- BHASHA)
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Tamil Nadu में भाषा के बाद 'तिलक, कुमकुम, कलावा विवाद', जानिए MK Stalin की पार्टी के नेता ने दी क्या धमकी