Goa Land Scam: गोवा भूमि घोटाला मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए मुसीबत बनता जा रहा है. भूमि घोटाले के आरोपी सुलेमान सिद्दीकी ने राज्य सरकार और गोवा पुलिस की बड़ी फजीहत करा दी है. सिद्दीकी ने पणजी कोर्ट में पेशी के दौरान गोवा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. सिद्दीकी ने पेशी के दौरान मीडिया के सामने कहा कि गोवा पुलिस ने उसे टॉर्चर किया है. और बंदीक की नोंक पर बिजली के झटके लगाकर उसके बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है. इन गंभीर आरोपों ने विपक्षी दलों को सावंत सरकार पर हमले का नया मुद्दा दे दिया है. सिद्दीकी के इस खुलासे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है.
'दूसरा वीडियो फर्जी, जबरन शूट किया गया'
पणजी डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट में पेशी के दौरान सिद्दीकी ने मीडिया से बात की. उसने कहा,' मेरा दूसरा वीडियो फर्जी था. इसे बंदूक की नोंक पर और बिजली के झटकों के बीच जबरन रिकॉर्ड कराया गया.' उसके इन आरोपों ने गोवा पुलिस पर हिरासत में अत्याचार और राजनीतिक दखलअंदाजी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतना ही नहीं, सिद्दीकी ने अपने पहले वीडियो को सही ठहराते हुए कहा कि उसने जो आरोप पहले लगाए थे, वे सभी सही हैं. पहले वीडियो में सिद्दीकी ने SP क्राइम ब्रांच राहुल गुप्ता, DySP सूरज हालारंकर और BJP विधायक जोशुआ डिसूजा पर भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे.
AAP ने BJP सरकार पर बोला हमला
AAP गोवा अध्यक्ष अमित पालेकर ने सिद्दीकी के खुलासे के बाद कठोर रिएक्शन दिया है. उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल SP क्राइम ब्रांच राहुल गुप्ता और DSP सूरज हालारंकर को निलंबित करने और पुलिस की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. पालेकर ने कहा,'सच को कुछ समय के लिए दबाया जा सकता है, लेकिन हमेशा के लिए दफनाया नहीं जा सकता. सिद्दीकी के बयान ने गोवा पुलिस की संदिग्ध भूमिका उजागर कर दी है. यह SP क्राइम राहुल गुप्ता और DSP सूरज हालारंकर को निलंबित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं. हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और उनकी हिरासत से भागने की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.'
CM प्रमोद सावंत और गोवा पुलिस की साख दांव पर
1.5 लाख वर्ग मीटर भूमि घोटाले में आरोपी सिद्दीकी का नाम साल 2014 में लुईजा फर्नांडिस की हत्या और टार्सिला फर्नांडिस की हत्या के प्रयास से भी जोड़ा जा रहा है. हालांकि, अब पूरा विवाद पुलिस टॉर्चर और जबरन बयान के आरोपों पर केंद्रित हो गया है, जिससे गोवा पुलिस और CM प्रमोद सावंत सरकार की प्रतिष्ठा पर गहरा असर पड़ा है. अब विपक्ष CBI जांच की मांग को लेकर आक्रामक हो गया है, जिससे गोवा सरकार पर जबरदस्त दबाव बन गया है. इस मामले में 25 फरवरी को अगली सुनवाई होगी, जो इस पूरे राजनीतिक विवाद में बड़ा मोड़ ला सकती है.
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Goa Panjim Court (File Photo)
गोवा भूमि घोटाले में सरकार की फजीहत, आरोपी बोला- पुलिस ने बंदूक की नोंक पर लिए बयान